NHAI के पूर्व DGM की संपत्ति कुर्क
पटना: NHAI के पूर्व DGM पर ED का बड़ा एक्शन, 2.85 करोड़ की संपत्ति जब्त; भ्रष्टाचार से खड़ा किया था ‘साम्राज्य’
पटना: प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना जोनल कार्यालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के पूर्व उप महाप्रबंधक (DGM) प्रभंशु शेखर की ₹2.85 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
जब्त संपत्तियों का विवरण
ED द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं:
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अचल संपत्ति: बिहार और दिल्ली में स्थित फ्लैट और जमीन।
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चल संपत्ति: बैंक बैलेंस, सोने और चांदी के आभूषण, और विभिन्न बीमा पॉलिसियों (Insurance Policies) में किया गया निवेश।
कैसे हुआ भ्रष्टाचार का खुलासा?
ED की जांच CBI (एनी-करप्शन ब्यूरो, पटना) द्वारा दर्ज की गई FIR और चार्जशीट पर आधारित है। जांच में सामने आया कि:
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चेक पीरियड (01.01.2016 से 23.09.2022): इस दौरान प्रभंशु शेखर ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक लगभग ₹4.07 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की।
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भ्रष्टाचार का तरीका: NHAI में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने मैसर्स अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड (M/s Ashoka Buildcon Limited) को फायदा पहुँचाने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर बिल पास किए, मेजरमेंट बुक में हेरफेर किया और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को नजरअंदाज किया।
‘काली कमाई’ को सफेद करने का खेल
ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। भ्रष्टाचार से कमाए गए ‘Proceeds of Crime’ (अपराध की कमाई) को ठिकाने लगाने के लिए प्रभंशु शेखर ने शातिर तरीके अपनाए:
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पारिवारिक खाते: अवैध कमाई का एक हिस्सा सीधे परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा किया गया।
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निवेश: कैश का इस्तेमाल पत्नी के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने और खुद व परिवार के नाम पर सोना-चांदी व इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करने के लिए किया गया।
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दैनिक खर्च: इस अवैध धन का एक बड़ा हिस्सा दैनिक जीवन के खर्चों में भी खपाया गया।
आगे की कार्रवाई
CBI की चार्जशीट नंबर 24/2023 के आधार पर ED अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही है। फिलहाल ₹2.85 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है और मामले में आगे की तफ्तीश जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी मछलियाँ भी ED के जाल में फंस सकती हैं।
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