बिना QR कोड ई-रिक्शा पर होगी सख्ती

गाजियाबाद में आज से बदल गए नियम: बिना QR कोड सड़कों पर नहीं उतरेंगे ई-रिक्शा, महिला सुरक्षा के लिए पुलिस का बड़ा एक्शन

गाजियाबाद। नए साल (1 जनवरी, 2026) के पहले दिन से गाजियाबाद की सड़कों पर ई-रिक्शा संचालन के नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और महिलाओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने ‘यूनिक क्यूआर कोड’ (Unique QR Code) योजना को अनिवार्य कर दिया है।

अब बिना क्यूआर कोड के ई-रिक्शा चलाने वालों पर पुलिस न केवल जुर्माना लगाएगी, बल्कि वाहन को जब्त करने जैसी वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

क्या है यूनिक QR कोड योजना और यह कैसे काम करेगी?

पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर लागू की गई इस योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत ई-रिक्शा पर एक खास क्यूआर कोड चस्पा किया जाएगा। यात्री इसे अपने मोबाइल से स्कैन कर सकेंगे, जिससे उन्हें तुरंत निम्नलिखित जानकारियां मिलेंगी:

  • चालक का नाम और फोटो

  • मोबाइल नंबर

  • वाहन का पंजीकरण नंबर और मालिक का विवरण

इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को चालक की प्रामाणिक जानकारी मिल सकेगी, जिससे असुरक्षा का भाव कम होगा।

महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर फोकस

डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन के अनुसार, यह कदम महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। उन्होंने बताया:

  • छेड़छाड़ पर लगाम: क्यूआर कोड के माध्यम से चालक की पहचान सुनिश्चित होने से दुर्व्यवहार की घटनाओं में कमी आएगी।

  • अपराध पर नियंत्रण: किसी भी आपराधिक घटना या दुर्घटना की स्थिति में पुलिस तुरंत आरोपी तक पहुंच सकेगी।

  • अवैध वाहनों पर रोक: सड़कों पर दौड़ रहे अनाधिकृत और बिना कागजात वाले ई-रिक्शा की पहचान करना आसान होगा।

जाम से मिलेगी मुक्ति, तय होंगे रूट

गाजियाबाद में अक्सर ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए भी यह कोडिंग मददगार होगी। पुलिस अब क्यूआर कोड के जरिए यह आसानी से मॉनिटर कर सकेगी कि कौन सा रिक्शा अपने निर्धारित रूट पर चल रहा है और कौन सा ‘नो एंट्री’ क्षेत्र में घुसपैठ कर रहा है।

निशुल्क मिल रहा है QR कोड

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह क्यूआर कोड निशुल्क प्रदान किया जा रहा है। जिन चालकों ने अभी तक अपना कोड प्राप्त नहीं किया है, वे जल्द से जल्द यातायात पुलिस विभाग से संपर्क कर इसे प्राप्त कर लें ताकि उन्हें भारी जुर्माने और कार्रवाई का सामना न करना पड़े।


न्यूज फ्लैश (Quick Points):

  • अनिवार्यता: 1 जनवरी 2026 से लागू।

  • कार्रवाई: बिना कोड वाले वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत केस।

  • मुख्य लाभ: महिला सुरक्षा, डेटा पारदर्शिता और जाम से मुक्ति।

  • स्कैनिंग: यात्री अब सफर से पहले ड्राइवर की पूरी प्रोफाइल देख सकेंगे।


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