PIB : नागपुर उपराष्ट्रपति का युवा संसद संबोधन
उपराष्ट्रपति का आह्वान: विकसित भारत के लिए अपनी भाषाओं पर गर्व करें
हे मातृभाषा मौलिकता की पहचान: उपराष्ट्रपति
नागपुर में भारतीय युवा संसद का 29वां सत्र
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को महाराष्ट्र के नागपुर स्थित महर्षि व्यास सभागृह में ‘भारतीय युवा संसद’ के 29वें राष्ट्रीय सत्र को संबोधित किया। इस वर्ष के सत्र का मुख्य विषय “भारतीय भाषाएँ और विकसित भारत – 2047” था। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़कर नवाचार करने और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अपील की।
“मातृभाषा में बोलना क्षेत्रीय होना नहीं, मौलिक होना है” 🗣️
उपराष्ट्रपति ने भारतीय भाषाओं की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि हमारी भाषाई विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे:
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मौलिकता: जब हम अपनी मातृभाषा में बात करते हैं, तो हम ‘क्षेत्रीय’ नहीं बल्कि ‘मौलिक’ होते हैं। प्रत्येक भाषा हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।
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विकसित भारत 2047: विकसित भारत का लक्ष्य दूसरों के उधार लिए हुए विचारों से पूरा नहीं होगा। हमें अपनी भाषाओं और लिपियों में सोचना होगा और अपनी सभ्यता पर विश्वास करना होगा।
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संविधान का भारतीयकरण: उन्होंने संविधान को विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।
डॉ. हेडगेवार के स्मारक पर पुष्पांजलि ⚖️
अपने नागपुर प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति ने रेशमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन का दौरा किया। उन्होंने आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने नागपुर को “राष्ट्रीय चेतना का केंद्र” बताते हुए कहा कि संघ की यात्रा “राष्ट्र प्रथम” की भावना का जीवंत उदाहरण है।
संसदीय संवाद और युवा नेतृत्व 🏛️
राज्यसभा के सभापति के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा:
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चर्चा की अवधि: राज्यसभा में चर्चा के समय में हुई बढ़ोतरी संवाद की स्वस्थ भावना को दर्शाती है।
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युवा संसद: ऐसे मंच छात्रों को सम्मानजनक बहस, अनुशासन और आम सहमति से समाधान तक पहुँचना सिखाते हैं। चरित्र निर्माण ही सच्चे नेतृत्व की नींव है।
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अमृत पीढ़ी: आज के युवा उस ‘अमृत पीढ़ी’ का हिस्सा हैं जो 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनते देखेंगे।
गरिमामय उपस्थिति 🤝
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कृष्ण गोपाल, और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीनिवास वरखेड़ी सहित देश भर से आए बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे।
मुख्य जानकारी:
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आयोजन स्थल: महर्षि व्यास सभागृह, नागपुर।
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मुख्य संदेश: भाषाई गौरव और राष्ट्रीय सेवा।
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विशेष श्रद्धांजलि: डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार (RSS संस्थापक)।
ब्यूरो चीफ रिजुल अग्रवाल

