PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की सरकारी गाड़ी पर ‘CM’ प्लेट को लेकर नया विवाद, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

निलंबन के बाद वायरल तस्वीरों ने खड़ा किया नियमों और प्रशासनिक मर्यादा का सवाल-

बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट पद से हटाए जाने और निलंबन की कार्रवाई के बाद पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री से जुड़ा एक और मामला चर्चा में आ गया है। इस बार विवाद उनकी सरकारी गाड़ी को लेकर है, जिस पर लाल रंग की प्लेट पर आगे की ओर बड़े अक्षरों में ‘CM’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है। जैसे ही गाड़ी की तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई।PCS officer Alankar Agnihotri's official vehicle has sparked a fresh controversy over the 'CM' plateआपत्ति जताने वालों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में ‘CM’ शब्द आमतौर पर मुख्यमंत्री के लिए प्रयोग किया जाता है। ऐसे में किसी प्रशासनिक अधिकारी की सरकारी गाड़ी पर इस तरह का संकेत नियमों और प्रशासनिक मर्यादा के विपरीत माना जा रहा है। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी गाड़ी पर पूरे पदनाम की जगह शॉर्ट फॉर्म ‘CM’ लिखवाया और उसी वाहन से शहर में आवागमन करते रहे।

पहले भी जताई गई थी आपत्ति
सूत्रों के मुताबिक, इस प्लेट को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों ने असहमति जताई थी। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया था कि भ्रम की स्थिति से बचने के लिए या तो पूरा पदनाम लिखा जाए या सामान्य सरकारी नंबर प्लेट का उपयोग किया जाए। इसके बावजूद विवादित प्लेट को नहीं हटाया गया।

सस्पेंशन के बाद फिर गरमाया मामला
इस्तीफा, निलंबन और डीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन के बाद अब यह प्रकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वायरल तस्वीरों के साथ लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब इस पर पहले ही आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी थी, तो फिर नियमों की अनदेखी क्यों होती रही।
प्रतीक बनती जा रही गाड़ी

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मामले को केवल नंबर प्लेट तक सीमित नहीं देखा जा रहा। कई लोग इसे अहंकार बनाम व्यवस्था की प्रतीकात्मक लड़ाई के रूप में देख रहे हैं। पहले से ही दबाव झेल रहे जिला प्रशासन के लिए यह नया विवाद एक और चुनौती के तौर पर सामने आया है।
स्पष्ट है कि बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट रहे पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री से जुड़ा मामला अब सिर्फ इस्तीफे या निलंबन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी सरकारी गाड़ी से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक पर सवाल खड़े कर रहा है।

रोहिताश कुमार भास्कर की रिपोर्ट,
बरेली,

गोपाल चन्द्र अग्रवाल

सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

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