जगज्जननी माँ जगदम्बा की उपासना के महापर्व ‘शारदीय नवरात्रि’ की महानवमी के पावन अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर में कन्या-पूजन…
शारदीय नवरात्रि की महानवमी के इस पावन अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर में माँ भगवती के नौ स्वरूपों और शक्ति-स्वरूपा कन्याओं की आराधना का पर्व अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है।
नाथपंथ की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा के अनुसार, इस पवित्र दिन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जा रहे हैं। इस परंपरा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
कन्या पखालना और पूजन: गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा माँ दुर्गा के स्वरूप में पधारी कुंवारी कन्याओं के चरण धोए (पखारे) जाते हैं।
तिलक और अभिनंदन: पूरी विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ कन्याओं के माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाया जाता है।
भोजन और दक्षिणा: पूजन के उपरांत इन कन्याओं को श्रद्धापूर्वक आदर सहित भोजन कराया जाता है तथा उन्हें उपहार व दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
बटुक पूजन: परंपरा के अनुसार कन्याओं के साथ-साथ बटुक पूजन (बालकों का पूजन) भी इस अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो सनातन संस्कृति में स्त्री शक्ति के साथ-साथ समग्र बाल-स्वरूप के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
यह अनुष्ठान केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि मातृशक्ति के प्रति अगाध सम्मान, लोक-कल्याण और सामाजिक समरसता का एक अनूठा संदेश देता है। महानवमी के इन पवित्र अनुष्ठानों के अगले दिन यानी विजयादशमी के अवसर पर मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है और गोरखनाथ जी का विशेष पूजन संपन्न होता है।
