तमिलनाडु की राजनीति में ‘हाथ के इशारे’ पर सियासी जंग: स्टालिन के बाद सीएम विजय के जेस्चर पर डीएमके का हमला, आरएसएस से की तुलना

“तमिलनाडु की राजनीति में हाथ के इशारे पर सियासी घमासान: स्टालिन के बाद मुख्यमंत्री विजय के जेस्चर पर मचा बवाल”

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक हाथ का अनूठा इशारा (Hand Gesture) चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। कभी तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा इस्तेमाल किया गया यह सांकेतिक इशारा अब मौजूदा मुख्यमंत्री विजय द्वारा अपनाए जाने के बाद एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस इशारे को लेकर शुरू हुई बयानबाजी अब सोशल मीडिया और पोस्टर्स की जंग तक पहुंच गई है।

1. विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय का वह वायरल इशारा

  • इशारे की पुनरावृत्ति: तमिलनाडु के वर्तमान मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा के भीतर एक बहस के दौरान डीएमके (DMK) की तीखी आलोचना की। इस दौरान जब डीएमके सदस्य सदन से बाहर चले गए, तो विजय ने स्पीकर जेसीडी प्रभाकर की अनुमति से स्टालिन के उस चर्चित इशारे को दोहराया, जो उन्होंने पहले एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया था।

  • सत्ता पक्ष में उत्साह: विजय द्वारा यह इशारा किए जाने पर सत्ता पक्ष की बेंचों से जोरदार तालियां बजीं और यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। टीवीके (TVK) ने इसे एक हल्के-फुल्के और प्रतीकात्मक अंदाज के रूप में पेश किया।

2. क्या है इस इशारे का इतिहास और विवाद?

  • स्टालिन का मूल संदर्भ: इस साल मार्च में जब एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री थे, तब चेन्नई में डीएमके मुख्यालय के बाहर पत्रकारों द्वारा सीटों के बंटवारे पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने अपना हाथ उठाकर काटने जैसा एक इशारा किया था, जिसका मतलब यह था कि मामला पूरी तरह सुलझ चुका है। उस समय मुख्य विपक्षी दल (AIADMK) ने इसे ‘अहंकार’ का प्रतीक बताकर आलोचना की थी।

  • अब डीएमके का पलटवार: जब मुख्यमंत्री विजय ने उसी इशारे को विधानसभा में दोहराया, तो डीएमके ने इसे आड़े हाथों लिया और कड़ी आपत्ति जताई।

3. डीएमके की आईटी विंग ने की आरएसएस से तुलना

यह राजनीतिक बहस अब वैचारिक मोड़ ले चुकी है। डीएमके की आईटी विंग ने इस विवाद को एक कदम आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विजय के इस सिग्नेचर जेस्चर की तुलना आरएसएस (RSS) के ध्वज प्रणाम (या झंडे को सलामी देने के तरीके) से कर दी है।

बुधवार को डीएमके की तरफ से एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें दो लोगों की परछाई दिखाई गई—एक तरफ आरएसएस पदाधिकारी जैसा व्यक्ति ध्वज प्रणाम करते हुए और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विजय अपना वही सिग्नेचर जेस्चर करते हुए नजर आ रहे हैं। इस पोस्टर के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में तल्खी और बढ़ गई है।

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