नीतीश कुमार दही-चूड़ा भोज में हुए शामिल
मकर संक्रांति पर ‘लव-कुश’ भोज: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्राट अशोक और छत्रपति शिवाजी को किया नमन, दही-चूड़ा उत्सव में हुए शामिल
रिपोर्ट: सोनू कुमार
पटना: बिहार की राजधानी पटना में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में राजनीतिक गलियारों में ‘दही-चूड़ा’ भोज की धूम रही। शनिवार को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार स्ट्रैंड रोड स्थित बिहार विधान परिषद् के अतिथिशाला पहुँचे, जहाँ राष्ट्रीय लव-कुश सेवा मिशन द्वारा भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया था।
महापुरुषों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने आयोजकों के स्वागत को स्वीकार किया और ऐतिहासिक महापुरुषों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। सीएम नीतीश ने:
-
सम्राट अशोक और छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
-
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और बिहार की खुशहाली की कामना की।

प्रमुख दिग्गजों का लगा जमावड़ा
इस पारंपरिक भोज कार्यक्रम में सत्ता पक्ष के कई बड़े चेहरे और नेता शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ:
-
जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी
-
ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार
-
विधायक उमेश सिंह कुशवाहा, जयंत राज और श्याम रजक
-
पूर्व मंत्री सुमित कुमार सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
सांस्कृतिक और सामाजिक मिलन का केंद्र
दही-चूड़ा भोज केवल एक खान-पान का आयोजन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक मिलन का केंद्र बना। राष्ट्रीय लव-कुश सेवा मिशन के कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने अनौपचारिक बातचीत की, जिससे आयोजन में उत्साह का माहौल रहा। बिहार राज्य नागरिक परिषद् के महासचिव श्री अरविंद कुमार सहित कई कार्यकर्ता इस दौरान सक्रिय दिखे।
निष्कर्ष: मकर संक्रांति के इस भोज ने एक बार फिर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और राजनीतिक सौहार्द की तस्वीर पेश की है। महापुरुषों को नमन कर मुख्यमंत्री ने समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश भी दिया।
आपकी राय: क्या आपको लगता है कि ऐसे सांस्कृतिक भोज कार्यक्रमों से समाज और राजनीति में आपसी भाईचारा बढ़ता है? कमेंट में अपनी राय साझा करें।

