सांसदों की अटेंडेंस के नए नियम लागू
सांसदों को सीट से ही लगानी होगी हाजिरी
लखनऊ: भारतीय संसद के इतिहास में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने घोषणा की है कि अब सांसदों के लिए ‘लॉबी’ या बाहर से हाजिरी लगाने का विकल्प खत्म हो जाएगा। सांसदों को सदन के भीतर अपनी निर्धारित सीट पर बैठकर ही अटेंडेंस मार्क करनी होगी।
📌 न्यूज़ हाइलाइट्स:
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नया नियम: 28 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से लागू होगा डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम।
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सख्ती: सदन स्थगित होने पर हाजिरी लगाने का कोई मौका नहीं मिलेगा।
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अनुशासन: हंगामे के बीच बाहर रहकर अटेंडेंस मार्क करने की परंपरा पर लगा ब्रेक।
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डिजिटल कंसोल: हर सीट पर लगे डिवाइस से ही दर्ज होगी सांसदों की उपस्थिति।
संसद में गंभीरता लाने की बड़ी पहल
लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में स्पीकर ओम बिरला ने यह ऐतिहासिक निर्णय साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अटेंडेंस का मतलब केवल परिसर में मौजूदगी नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी होना चाहिए। अब सांसदों को लोकसभा कक्ष में अपनी आवंटित सीट पर लगे डिजिटल कंसोल का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
हंगामे और सदन स्थगित होने पर असर
नए नियमों के अनुसार, हाजिरी केवल तभी दर्ज की जा सकेगी जब सदन की कार्यवाही चल रही हो। अक्सर देखा जाता है कि विपक्षी हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित होती है, ऐसी स्थिति में यदि सदन स्थगित हो जाता है, तो सांसदों के पास अटेंडेंस मार्क करने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। इससे सांसदों की सदन के प्रति जवाबदेही और बढ़ेगी।
देशभर की विधानसभाओं में आएगी एकरूपता
ओम बिरला ने संसदीय परंपराओं में सुधार के लिए एक विशेष कमेटी के गठन की भी जानकारी दी। इसका उद्देश्य:
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नियमों का मानकीकरण: संसद और सभी राज्यों की विधानसभाओं के नियमों को एक समान बनाना।
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स्वस्थ प्रतिस्पर्धा: विधायी निकायों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न मापदंडों पर राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना।
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भविष्योन्मुखी विधायिका: जनता का भरोसा जीतने के लिए एक जवाबदेह और समावेशी लोकतांत्रिक व्यवस्था तैयार करना।
“लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख तभी बढ़ेगी जब हमारी विधायिका भविष्योन्मुखी और जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह होगी।” — ओम बिरला, लोकसभा स्पीकर

