मुंबई-गोवा हाईवे: ‘M-Seal’ पर फनी रिएक्शंस
‘NASA भी पानी भरे’: मुंबई-गोवा हाईवे पर ‘M-Seal टेक्नोलॉजी’ से भरे गए गड्ढे, गडकरी से गुजारिश- ‘बाहर मत जाने देना यह सीक्रेट!
मुंबई/रत्नागिरी: महाराष्ट्र की जीवन रेखा कहे जाने वाले मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-66) के निर्माण और मरम्मत का मुद्दा एक बार फिर सोशल मीडिया पर हास्य और तीखे कटाक्ष का केंद्र बन गया है। वर्षों से कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्य और मानसूनी बारिश के बाद सड़क पर उभरे जानलेवा गड्ढों को भरने के लिए इस्तेमाल किए गए ‘अनोखे जुगाड़’ की तस्वीरों और वीडियो ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। नेटिजन्स इसे मजाकिया अंदाज में ‘M-Seal टेक्नोलॉजी’ करार देते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर तंज कस रहे हैं।
‘NASA भी हैरान’: सोशल मीडिया पर उठी फनी रिएक्शंस की बाढ़ मुंबई-गोवा हाईवे की बदहाली पर तंज कसते हुए यूजर इसे भारत का अनोखा ‘इंजीनियरिंग मार्वल’ बता रहे हैं:
-
विश्व गुरु बनने का फॉर्मूला: यूजर्स सोशल मीडिया पोस्ट्स में लिख रहे हैं कि M-Seal वाली इस क्रांतिकारी तकनीक के बाद अब भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। इस ‘स्वदेशी तकनीक’ के आगे तो अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) भी पानी भरती नजर आ रही है!
-
गडकरी जी से गुजारिश: व्यंग्य करते हुए लोग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अपील कर रहे हैं कि “बस एक गुजारिश है गडकरी जी, यह M-Seal वाली सड़क तकनीक गलती से भी देश से बाहर नहीं जानी चाहिए, वरना विदेशी भी हमारी इस सीक्रेट टेक्नोलॉजी को कॉपी कर लेंगे!”
गणेशोत्सव से ठीक पहले सड़कों की बदहाली से यात्री परेशान मजाक और मीम्स से इतर यह स्थिति तटीय कोंकण क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए एक गंभीर और खतरनाक समस्या बनी हुई है:
-
वर्षों से अधूरा काम: पिछले एक दशक से अधिक समय से मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण का काम चल रहा है, लेकिन हर मानसून में पहली बारिश के साथ ही हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आते हैं।
-
गणपति भक्तों की राह कठिन: आगामी गणेशोत्सव के दौरान लाखों की संख्या में लोग मुंबई से अपने पैतृक गांव कोंकण जाते हैं। जर्जर सड़कों और गड्ढों के कारण घंटों लंबे ट्रैफिक जाम और लगातार सड़क दुर्घटनाओं का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने केवल अस्थायी ‘जुगाड़’ या एम-सील जैसे पैचवर्क के बजाय हाईवे के स्थाई निर्माण और जिम्मेदार ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

