खाद की कालाबाजारी पर मंत्री सख्त
खाद की कालाबाजारी पर नकेल: बिहार से नेपाल तक होगी कड़ी निगरानी, कृषि मंत्री ने दिए सख्त निर्देश 🚜🚫
नेपाल सीमा पर खाद की तस्करी रोकने के आदेश
पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। मंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिहार के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में खाद की अवैध आवाजाही पर पैनी नजर रखी जाए।

साप्ताहिक रिपोर्ट और अधिकारियों की जवाबदेही 📉
प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं:

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वीकली रिव्यू: जिला स्तरीय अधिकारी प्रत्येक सप्ताह खाद की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे और इसकी रिपोर्ट सीधे मुख्यालय को भेजेंगे।
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सख्त कार्रवाई: यदि कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो केवल रिटेलर या स्टॉकिस्ट ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी गाज गिरेगी।
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वैश्विक प्रभाव: मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण कालाबाजारी की संभावना बढ़ी है, जिसे रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।

खाद का पर्याप्त स्टॉक: किसान न हों भ्रमित 📦
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसानों की मांग से कहीं अधिक खाद उपलब्ध है:
| खाद का प्रकार | वर्तमान उपलब्धता (लाख मीट्रिक टन) |
| यूरिया | 2.48 |
| डीएपी (DAP) | 1.43 |
| एनपीके (NPK) | 2.07 |
| एसएसपी (SSP) | 1.02 |
| एमओपी (MOP) | 0.39 |
मुआवजा और भविष्य की योजनाएं 🌾
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मुआवजा वितरण: हाल ही में आपदा प्रभावित किसानों को करीब ₹200 करोड़ की राहत राशि दी गई है। वर्तमान खराब मौसम से हुई फसल क्षति की जांच भी जारी है।
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जैविक खेती: ‘धरती बचाओ कमेटी’ के माध्यम से किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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डिजिटल मदद: निदेशक सुमन सौरभ यादव ने बताया कि किसान ‘कृषि एप’ के जरिए सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।
विभागीय प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने भरोसा दिलाया है कि विभाग खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटा है और खाद की सतत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्य जानकारी:
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निर्णय: साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य।
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निगरानी: बिहार-नेपाल सीमा क्षेत्र।
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तकनीकी सहायता: कृषि मोबाइल एप्लीकेशन।
रिपोर्ट: विक्रम कुमार,पटना(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
