MCD फंड विवाद: दावों और आरोपों का टकराव

दिल्ली MCD में फंड पर ‘महायुद्ध’: महापौर राजा इकबाल का विपक्ष पर पलटवार— ‘हर पार्षद को मिल रहे 8 करोड़ तक, फंड की कोई कमी नहीं’

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम में विकास कार्यों के बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। महापौर राजा इकबाल सिंह ने नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दिल्ली सरकार द्वारा फंड न देने की बात कही गई थी। महापौर ने दावा किया कि “ट्रिपल इंजन” की सरकार में एमसीडी को रिकॉर्ड फंड मिल रहा है और निगम को ‘पंगु’ बनाने के आरोप पूरी तरह राजनीति से प्रेरित हैं।


पार्षदों की जेब में 8 करोड़: महापौर का बड़ा दावा

महापौर राजा इकबाल सिंह ने फंड के आंकड़ों को स्पष्ट करते हुए कहा:

  • वार्ड बजट: दिल्ली के प्रत्येक पार्षद को उनके वार्ड में विकास कार्यों के लिए 3 करोड़ से 8 करोड़ रुपये तक का फंड उपलब्ध कराया गया है।

  • अतिरिक्त सहायता: मुख्यमंत्री ने एमसीडी को नियमित बजट के अलावा 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड भी जारी किया है।

  • भ्रम फैलाने की कोशिश: महापौर ने कहा कि विपक्ष द्वारा 25 लाख रुपये की सीमा तय करने की बातें केवल जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास हैं।


नेता प्रतिपक्ष का आरोप: “विधायकों पर निर्भर करने की सलाह”

इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि:

  • पार्षदों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें अब 25 लाख रुपये से अधिक का बजट नहीं मिलेगा।

  • पार्षदों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने क्षेत्र के विकास के लिए विधायकों के माध्यम से काम करवाएं।

  • नारंग के अनुसार, भाजपा जानबूझकर निगम को ठप करने का प्रयास कर रही है।


स्वच्छता के लिए ‘हाईटेक’ मशीनों की फौज

शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर महापौर ने बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली को कचरा मुक्त बनाने के लिए जल्द ही एमसीडी के बेड़े में आधुनिक मशीनें शामिल होंगी:

  1. मैकेनिकल स्वीपर: 70 आधुनिक रोड स्वीपिंग मशीनें।

  2. कचरा उठाने की मशीनें: 1,000 लीटर क्षमता वाली मशीनें और प्रत्येक वार्ड को 4 नई गाड़ियां

  3. भारी मशीनरी: 100 कॉम्पेक्टर, जेसीबी और फिक्स्ड कॉम्पेक्ट उपकरण।


‘ट्रिपल इंजन’ सरकार बनाम 10 साल का कुशासन

महापौर ने ‘आम आदमी पार्टी’ पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों में एमसीडी को फंड की कटौती करके कमजोर करने की कोशिश की गई थी। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और समय पर फंड देकर निगम को सशक्त बना रही है।

“आप के दावे निराधार हैं। हम न केवल पैसा दे रहे हैं, बल्कि दिल्ली की स्वच्छता के लिए आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध करा रहे हैं।” — राजा इकबाल सिंह, महापौर


मुख्य हाइलाइट्स:

  • दावा: पार्षदों को 3 से 8 करोड़ का विकास फंड मिला।

  • विवाद: 25 लाख की लिमिट वाले बयान पर छिड़ी जंग।

  • विजन: 70 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से साफ होगी दिल्ली।

  • अतिरिक्त बजट: सीएम द्वारा 500 करोड़ की विशेष सहायता।


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