बरेली: होमगार्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा
बरेली: होमगार्ड परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दो नाम और दो आधार कार्ड के साथ पकड़ा गया ‘मुन्नाभाई’
उत्तर प्रदेश के बरेली में चल रही होमगार्ड एनरोलमेंट परीक्षा-2025 में रविवार को एक शातिर अभ्यर्थी की चालाकी बायोमेट्रिक सिस्टम के आगे धरी रह गई। एक ही युवक ने दो अलग-अलग नामों से परीक्षा देने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बायोमेट्रिक जांच में खुली पोल
मामला साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है, जहाँ रविवार सुबह की पहली पाली (10 से 12 बजे) के दौरान अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था।
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पकड़ा गया अभ्यर्थी: आरोपी की पहचान 27 वर्षीय अनुराग (पुत्र राज बहादुर), निवासी हरिहरपुर, हरदोई के रूप में हुई है।
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सिस्टम ने पकड़ा: जब अनुराग बायोमेट्रिक मशीन पर पहुंचा, तो सिस्टम ने उसे ‘संदिग्ध’ घोषित कर दिया। गहनता से मिलान करने पर पता चला कि यह युवक पिछले दिन भी परीक्षा दे चुका है।
एक ही चेहरा, दो अलग-अलग नाम
पूछताछ और जांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया:
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पहला खेल (शनिवार): आरोपी ने शनिवार को दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज (रिठौरा) में ‘धर्मेंद्र सिंह’ के नाम से पहली पाली की परीक्षा दी थी।
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दूसरा खेल (रविवार): रविवार को वही युवक अपना असली नाम ‘अनुराग’ बताकर दूसरे केंद्र पर दोबारा परीक्षा देने पहुंच गया।
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दो आधार कार्ड: आरोपी ने कबूल किया कि उसने फर्जीवाड़ा करने के लिए दो अलग-अलग नामों से आधार कार्ड बनवा रखे थे। चौंकाने वाली बात यह थी कि दोनों आधार कार्ड में पिता का नाम और पता एक ही था, बस अभ्यर्थी का नाम बदल दिया गया था।
नौकरी पाने के लिए रचा षड्यंत्र
आरोपी का मकसद था कि यदि वह दो अलग-अलग पहचानों से परीक्षा देता है, तो किसी न किसी नाम से उसका चयन पक्का हो जाएगा। हालांकि, केंद्र प्रभारी की सतर्कता और बायोमेट्रिक तकनीक ने उसके इस मंसूबे पर पानी फेर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
बारादरी पुलिस ने केंद्र प्रभारी की तहरीर पर आरोपी अनुराग के खिलाफ धोखाधड़ी (420) और दस्तावेजों की जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में कोई और गिरोह शामिल है या आरोपी ने अकेले ही दो आधार कार्ड बनवाए थे।
अधिकारियों का बयान: प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगाए गए बायोमेट्रिक सिस्टम की वजह से ही इस धोखाधड़ी को पकड़ा जा सका। भविष्य में भी ऐसी सख्ती जारी रहेगी।
संवाद-दाता रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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