‘वाइब्रेंट गुजरात’ से महात्मा मंदिर बना विकास केंद्र
वाइब्रेंट गुजरात से निवेश, नवाचार और विकास की नई कहानी: महात्मा मंदिर बना प्रगति का प्रतीक
गांधीनगर (गुजरात): “निवेश, नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर”— गुजरात की विकास यात्रा को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देने में ‘वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट’ और गांधीनगर स्थित ‘महात्मा मंदिर’ (Mahatma Mandir) की भूमिका अत्यंत ऐतिहासिक रही है। महात्मा मंदिर केवल एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर नहीं, बल्कि राज्य के पर्यटन, वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने वाला एक मुख्य केंद्र बनकर उभरा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और जनसेवा के 25 वर्षों के बेमिसाल सफर को रेखांकित करते हुए #SevaSankalpAbhiyan के तहत गुजरात मॉडल की इस अभूतपूर्व विकास गाथा को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
महात्मा मंदिर: वैश्विक निवेश और आर्थिक प्रगति का स्तंभ
गांधीनगर में निर्मित महात्मा मंदिर ने पिछले वर्षों में देश और दुनिया के शीर्ष उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं और निवेशकों की मेजबानी की है:
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वैश्विक ब्रांड के रूप में ‘वाइब्रेंट गुजरात’: वाइब्रेंट गुजरात समिट के जरिए दुनिया भर के देशों ने गुजरात में अरबों रुपये का निवेश किया है, जिससे लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
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पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति: महात्मा मंदिर के निर्माण के बाद से गांधीनगर और अहमदाबाद क्षेत्र में बिजनेस टूरिज्म (MICE Tourism) को जबरदस्त बढ़ावा मिला है, जिसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
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महात्मा गांधी के विचारों का सम्मिश्रण: महात्मा गांधी के जीवन और विचारों से प्रेरित यह परिसर आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत के सुंदर समन्वय को दर्शाता है।
25 वर्षों की जनसेवा और ‘सेवा संकल्प अभियान’
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पिछले ढाई दशकों में देश और गुजरात में हुए बुनियादी बदलावों और लोक-कल्याणकारी योजनाओं के सफर को प्रदर्शित किया जा रहा है:
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गुजरात मॉडल से ‘विकसित भारत’: वाइब्रेंट गुजरात का यह सफल प्रयोग आज पूरे देश के अन्य राज्यों के लिए आर्थिक प्रगति और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) का रोल मॉडल बन चुका है।
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निरंतर जारी रहेगी विकास गाथा: इस अभियान के अंतर्गत आने वाले दिनों में इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित ऊर्जा (Green Energy), डिजिटल इंडिया और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई और प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाया जाएगा।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ गुजरात की इस सतत विकास यात्रा और राष्ट्र-निर्माण के इस संकल्प का अभिनंदन करती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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