कबड्डी खिलाड़ी का हत्यारा मुठभेड़ में ढेर

Mohali Encounter: कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया के हत्यारे से पुलिस की मुठभेड़, सेल्फी के बहाने मारी थी गोली, बंबीहा गैंग का शूटर गिरफ्तार

मोहाली: पंजाब पुलिस ने मशहूर कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मोहाली के लालड़ू में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में एक मुख्य आरोपी हरपिंदर उर्फ मिद्दू को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वही अपराधी है जिसने 15 दिसंबर को सोहाना गांव में कबड्डी मैच के दौरान प्रशंसक बनकर और सेल्फी लेने के बहाने खिलाड़ी राणा की हत्या की साजिश को अंजाम दिया था।

लालड़ू में हुआ एनकाउंटर, चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर दबोचा गया

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राणा हत्याकांड में शामिल शूटर चंडीगढ़-अंबाला हाईवे के पास मौजूद है। जब पुलिस ने लालड़ू इलाके में घेराबंदी की, तो आरोपी हरपिंदर उर्फ मिद्दू ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो आरोपी के पैर में लगी। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। हरपिंदर तरनतारन जिले के नौशहरा पन्नुआं का रहने वाला है और उस पर पहले से ही कई जघन्य अपराध दर्ज हैं।

सेल्फी के बहाने आए और बरसा दी गोलियां

वारदात 15 दिसंबर को सोहाना गांव में हुई थी, जहां एक कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन युवक प्रशंसक बनकर राणा बलाचौरिया के पास पहुंचे और उनसे सेल्फी लेने का आग्रह किया। जैसे ही राणा फोटो के लिए रुके, आरोपियों ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं। राणा की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे खेल जगत में मातम छा गया।

बंबीहा गैंग से जुड़े हैं शूटरों के तार

मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल दो अन्य मुख्य शूटरों की पहचान भी हो गई है। इनकी तस्वीरें जारी कर दी गई हैं:

  1. आदित्य कपूर उर्फ मख्खन: (अमृतसर निवासी, 13 अपराधिक मामले दर्ज)

  2. करण पाठक उर्फ डिफाल्टर करण: (अमृतसर निवासी, 2 अपराधिक मामले दर्ज)

ये दोनों शूटर बंबीहा गैंग के गुर्गे डोनी बल और लक्की पटियाल के लिए काम करते हैं। पुलिस के अनुसार, यह पूरी साजिश कबड्डी टूर्नामेंटों पर अपना वर्चस्व और कंट्रोल कायम करने के लिए रची गई थी।

मूसेवाला हत्याकांड से नहीं है कोई लिंक

इंटरनेट पर चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए एसएसपी ने स्पष्ट किया कि इस हत्याकांड का सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए 12 विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

पुलिस का कहना है कि हरपिंदर की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क के राज खुलेंगे। जल्द ही आदित्य और करण को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। पंजाब पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि गैंगवार को बढ़ावा देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।


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