जे०पी० गंगा पथ बनेगा विश्वस्तरीय

बिहार: जे०पी० गंगा पथ को मिलेगा विश्वस्तरीय स्वरूप; कुर्जी से काली घाट तक विकसित होगा 6.5 किमी गंगा चैनल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश

विशेष प्रादेशिक ब्यूरो: पटना (बिहार)

रिपोर्ट: जया कुमारी (पत्रकार)

बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना की लाइफलाइन बन चुके जे०पी० गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को विश्वस्तरीय स्वरूप देने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत चल रहे सभी समग्र विकास कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा कराया जाए। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पटना में कुर्जी से लेकर काली घाट तक 6.5 किलोमीटर लंबा गंगा चैनल भी विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रविवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में जे०पी० गंगा पथ के किनारे विकसित किए जा रहे उद्यान, पार्किंग, कैफेटेरिया और अन्य नागरिक सुविधाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

वाटर स्पोर्ट्स, बॉटनिकल गार्डेन और महिला हाट से सजेगा गंगा पथ

समीक्षा बैठक के दौरान बिहार राज्य पथ विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री सौरभ जोरवाल ने एक डिजिटल प्रस्तुतीकरण (Presentation) के माध्यम से परियोजना की प्रगति रिपोर्ट साझा की:

  • प्रमुख आकर्षण: जे०पी० गंगा पथ के किनारे वाटर मेट्रो जेट्टी, बॉटनिकल गार्डेन, बटरफ्लाई पार्क, स्पोर्ट्स ग्राउंड, वेस्ट टू वंडर पार्क, पटना स्मार्ट सिटी पार्क, महिला हाट और कला ग्राम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

  • पर्यावरण व बुनियादी ढांचा: इसके साथ ही एसटीपी (STP), बांस घाट क्रिमेटोरियम कॉम्प्लेक्स और प्रस्तावित गंगा चैनल के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

पार्किंग, फुटओवर ब्रिज और गोलघर का कायाकल्प

यातायात और पर्यटन को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में निम्नलिखित प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. हर 1.5 से 2 किमी पर पार्किंग: वाहनों का परिचालन सुचारु रखने के लिए जे०पी० गंगा पथ पर प्रत्येक 1.5 से 2 किलोमीटर के अंतराल पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

  2. फुटओवर ब्रिज और बाढ़ सुरक्षा: आवश्यकतानुसार पैदल यात्रियों के लिए फुटओवर ब्रिज बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। साथ ही कोईलवर एक्सप्रेस-वे को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि मानसून में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर भी लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

  3. ऐतिहासिक धरोहरों का सौंदर्यकरण: पटना की ऐतिहासिक पहचान ‘गोलघर’ को और सुंदर व आकर्षक बनाकर परिसर में कैफेटेरिया विकसित किया जाएगा। इसके अलावा पटना हाईकोर्ट के पास स्थित ऐतिहासिक वाटर टावर का भी बेहतर ढंग से जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

बक्सर से भागलपुर तक बनेगा मेगा मास्टर प्लान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए परियोजना में जनता से सुझाव लेने का निर्देश दिया। साथ ही आगामी पर्व-त्योहारों में श्रद्धालुओं और छठव्रतियों की सुविधा के लिए गंगा घाटों को सर्वसुविधायुक्त बनाने पर जोर दिया।

गंगा बेसिन का समेकित विकास:

मुख्यमंत्री ने बक्सर से लेकर भागलपुर तक संपूर्ण गंगा तट के चरणबद्ध विकास के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। इससे न केवल पूरे गंगा बेसिन का सुव्यवस्थित विकास होगा, बल्कि तटवर्ती भूमि का अधिकतम और सही सदुपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

प्रादेशिक ब्यूरो: पटना (बिहार)

ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,


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