जेवर एयरपोर्ट: भारत का पहला नेट-ज़ीरो
भारत का पहला ‘नेट-ज़ीरो’ एयरपोर्ट: जेवर बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘ग्रीन’ हवाईअड्डा, जानें क्या है योगी सरकार का मास्टरप्लान
ग्रेटर नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश का जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Noida International Airport) न केवल दुनिया के नक्शे पर यूपी की हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मॉडल भी बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, जेवर एयरपोर्ट को भारत का पहला IGBC ग्रीन कैंपस प्रमाणित एयरपोर्ट होने का गौरव हासिल हुआ है।
ज़्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप के सहयोग से विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट पूरी तरह ‘नेट-ज़ीरो’ (Net-Zero) कॉन्सेप्ट पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि यहाँ कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम होगा।
ग्रीन एनर्जी से रोशन होगा रनवे: मुख्य विशेषताएं
हवाई अड्डे को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है:
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विशाल सोलर फार्म: एयरपोर्ट परिसर के 82.94 एकड़ में एक भव्य सोलर फार्म विकसित किया जा रहा है। यह हर साल 51,966 मेगावाट-घंटा नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करेगा।
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इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा: एयरपोर्ट पार्किंग के 20% हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए फास्ट और स्टैंडर्ड चार्जिंग स्टेशन होंगे। खास बात यह है कि एयरसाइड संचालन के लिए इस्तेमाल होने वाले 100% वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।
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वेस्ट-टू-वेल्थ: यहाँ एक आरएनजी (RNG) प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे कचरे से ऊर्जा बनाई जाएगी और एयरपोर्ट की प्रणालियां ‘ग्रीन फ्यूल’ पर चलेंगी।
टर्मिनल डिजाइन: कम ऊर्जा, अधिक प्रभाव
यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) के अनुसार, टर्मिनल भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दिन के उजाले का अधिकतम उपयोग हो सके, जिससे बिजली की खपत कम होगी। इसके अलावा:
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जल संरक्षण: दो विशाल रेन वाटर हार्वेस्टिंग पौंड बनाए गए हैं, जो वर्षा जल को संचित कर पानी की किल्लत को दूर करेंगे।
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कचरा प्रबंधन: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से कचरे का वैज्ञानिक उपचार और रीसाइक्लिंग सुनिश्चित की जाएगी।
सख्त निगरानी: एनवायरनमेंट मॉनिटरिंग प्लान
योगी सरकार ने केवल निर्माण तक ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि संचालन के दौरान भी सुरक्षा के मानक तय किए हैं। इसके लिए एक मंथली मॉनिटरिंग प्लान तैयार किया गया है जो वायु, जल, मिट्टी और सीवेज के मानकों की लगातार जांच करेगा।
“जेवर एयरपोर्ट न सिर्फ निवेश और रोजगार का केंद्र होगा, बल्कि यह सतत विकास (Sustainable Development) का एक ऐसा उदाहरण बनेगा जिसे दुनिया देखेगी।”
एक नज़र में जेवर एयरपोर्ट की ‘हरियाली’
| विशेषता | विवरण |
| प्रमाणन | IGBC ग्रीन कैंपस |
| सोलर फार्म | 82.94 एकड़ (51,966 MWh क्षमता) |
| EV चार्जिंग | 20% पार्किंग क्षेत्र में उपलब्ध |
| वाहन | 100% इलेक्ट्रिक एयरसाइड वाहन |
| तकनीक | नेट-ज़ीरो और रेन वाटर हार्वेस्टिंग |

