ईरान की चेतावनी: युद्ध अभी खत्म नहीं
‘यह युद्ध का अंत नहीं है’: सीजफायर के बाद मोजतबा की ट्रंप को सीधी चेतावनी
तेहरान/नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा के बाद भी मोर्चे पर शांति के बजाय सन्नाटा ज्यादा गहरा है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपनी सेना को फायरिंग रोकने का आदेश तो दे दिया है, लेकिन साथ ही एक ऐसी चेतावनी जारी की है जिसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
📌 ईरान का कड़ा रुख: मुख्य बातें
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“हाथ ट्रिगर पर”: मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट किया कि यह सीजफायर युद्ध का अंत नहीं है। उन्होंने सेना से कहा, “गोलीबारी रोकें, लेकिन उकसावे पर पलटवार के लिए पूरी तरह तैयार रहें।”
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खामेनेई की मौत का बदला: 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से शुरू हुआ यह संघर्ष 39 दिनों बाद अस्थायी रूप से रुका है।
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10-सूत्रीय एजेंडा: ईरान ने बातचीत के लिए अपनी शर्तें रख दी हैं, जिसमें अमेरिकी सेना की वापसी और प्रतिबंधों को हटाना सबसे ऊपर है।
ईरान की 10 सख्त शर्तें (वार्ता का आधार)
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अमेरिका के 15 बिंदुओं के जवाब में अपना 10-सूत्रीय प्रस्ताव रखा है:
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अमेरिकी सेना की वापसी: क्षेत्र से सभी अमेरिकी लड़ाकू बलों को हटाना।
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प्रतिबंधों का अंत: ईरान पर लगे सभी आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंधों को तुरंत हटाना।
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संपत्ति की वापसी: विदेशों में जमी हुई ईरानी संपत्तियों को वापस करना।
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नुकसान की भरपाई: युद्ध के दौरान ईरान के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का मुआवजा।
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UN की गारंटी: इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव के रूप में मान्यता दिलाना।
इस्लामाबाद में ‘शांति की अग्निपरीक्षा’
सीजफायर के तहत 10 अप्रैल 2026 से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में द्विपक्षीय वार्ता शुरू होगी। यह वार्ता 15 दिनों तक चलने की उम्मीद है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस बैठक के मेजबान और मध्यस्थ होंगे।
ट्रंप का रुख: ‘सफलता या दबाव?’
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर को अपनी जीत बताते हुए कहा है कि अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के माध्यम से अपने सैन्य लक्ष्य प्राप्त कर लिए हैं। हालांकि, उन्होंने शर्त रखी है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह और सुरक्षित रूप से नहीं खोला गया, तो सीजफायर किसी भी समय तोड़ा जा सकता है।
विश्लेषण: शांति या नया तूफान?
मोजतबा खामेनेई का बयान संकेत देता है कि ईरान इस समय का उपयोग अपनी सैन्य शक्ति को पुनर्गठित करने के लिए कर सकता है। वहीं, अमेरिका की अर्थव्यवस्था तेल की कीमतों में गिरावट से राहत महसूस कर रही है। फिलहाल सबकी नजरें 10 अप्रैल की मेज पर टिकी हैं—क्या इस्लामाबाद में “स्थायी संधि” होगी या यह सिर्फ एक नए विनाशकारी हमले से पहले की खामोशी है?
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

ट्रंप का यू-टर्न: ईरान संग सीजफायर!
