पशु क्रूरता रोकने को बना IKC मंच
1. पशु कल्याण के लिए राष्ट्रीय मंच 🐾
न्यूज़: मुंबई में ‘इंडिया करुणा कोलैबोरेटिव (IKC)’ की शुरुआत के साथ पशु कल्याण को राष्ट्रीय नीति और चर्चा का मुख्य हिस्सा बनाने की पहल शुरू हुई है। “वन हेल्थ, वन प्लैनेट” दृष्टिकोण के साथ यह मंच जलवायु, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक विकास में फार्म पशुओं के प्रति होने वाली क्रूरता को रोकने और उनके कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस पहल से देशभर के 50 से अधिक संगठन और 70 से ज्यादा दिग्गज नेता जुड़े हैं।
2. जागरूक हो रहा है ‘युवा भारत’ 📊
न्यूज़: ‘आईकेसी’ के एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, 70% भारतीयों का मानना है कि फार्म पशु संवेदनशील प्राणी हैं और वे पीड़ा महसूस करते हैं। सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि 69% डेयरी उपभोक्ता उन उत्पादों के लिए अधिक कीमत चुकाने को तैयार हैं, जहाँ पशु कल्याण के उच्च मानक अपनाए गए हों। साथ ही, 53% लोग अपने आहार में पशु प्रोटीन को पौध-आधारित (Plant-based) विकल्पों से बदलने के इच्छुक हैं।
3. स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर खतरा ⚠️
न्यूज़: पैनल चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि पशुपालन में एंटीबायोटिक्स का अत्यधिक उपयोग ‘एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस’ और सुपरबग्स के खतरे को बढ़ा रहा है। मारिको के संस्थापक हर्ष मरीवाला और मोतीलाल ओसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि उत्पादन और नवाचार की प्रक्रिया में करुणा को शामिल करना अनिवार्य है। गौरी मौलेखी ने बताया कि दुनिया के 70% एंटीबायोटिक्स पशुपालन में उपयोग हो रहे हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

