Haryana News: मिलावटखोरों पर हरियाणा सरकार का क्रैकडाउन
“त्योहारों पर मिलावटखोरों पर हरियाणा सरकार का बड़ा क्रैकडाउन: 170 सैंपल फेल, 50 हजार किलो घटिया खाद्य सामग्री नष्ट”
विशेष प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
चंडीगढ़ (हरियाणा): त्यौहारों के सीज़न में प्रदेशवासियों को शुद्ध, ताज़ा और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान छेड़ दिया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के विशेष निर्देशों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग द्वारा 1 अक्टूबर से दीपावली तक पूरे राज्य में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
1. 1,288 सैंपलों की जांच और बड़े पैमाने पर कार्रवाई
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170 सैंपल फेल: अभियान के तहत अब तक राज्यभर से मिठाई, मावा, दूध, घी और पनीर जैसे अति-आवश्यक खाद्य पदार्थों के कुल 1,288 नमूने (सैंपल) एकत्रित किए गए। जांच के दौरान इनमें से 170 सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे और फेल पाए गए।
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50 हजार किलो सामग्री नष्ट: जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कार्रवाई करते हुए लगभग 50,000 किलोग्राम मिलावटी मिठाइयां और नकली/घटिया पनीर तुरंत जब्त कर नष्ट करवा दिया है।
2. आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक होंगे मिलावटखोरों के नाम
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पारदर्शिता और जन-जागरूकता: हरियाणा सरकार ने मिलावटखोरी पर नकेल कसने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। जिन भी दुकानदारों, निर्माताओं और विक्रेताओं के खाद्य सैंपल फेल हुए हैं, उनके नाम और दुकानों के पते एफडीए (FDA) हरियाणा के आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से अपलोड किए जा रहे हैं।
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जनता के लिए चेतावनी: इस कदम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जागरूक और सतर्क करना है, ताकि वे ऐसे स्थानों से मिलावटी सामान खरीदने से बच सकें।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण
त्योहारों के अवसर पर अधिक मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर इस तरह की कठोर कार्रवाई बेहद आवश्यक है। सार्वजनिक रूप से दोषियों के नाम उजागर करने से व्यापारिक पारदर्शिता बढ़ेगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ जनस्वास्थ्य, प्रशासनिक कार्रवाइयों और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ी हर बड़ी खबर पर पूरी निष्पक्षता के साथ नजर बनाए रखती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)
