जीएसटी चोरी: अहमदाबाद से 1 गिरफ्तार
1. परीक्षा नकल माफिया गिरोह का पर्दाफाश (प्रेस नोट 85)
STF ने सीबीएसई बोर्ड द्वारा आयोजित जूनियर सेक्रेटरियेट असिस्टेंट (EMRS) परीक्षा में फर्जी ‘दिव्यांग’ (PWD) प्रमाण पत्र के आधार पर नकल कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है ।
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गिरफ्तारी: 25 मार्च 2026 को गिरोह के सरगना मनीष मिश्रा सहित कुल 09 अभियुक्तों को लखनऊ के विकासनगर और गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया ।
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मोडस ऑपरेंडी: यह गिरोह स्वस्थ अभ्यर्थियों के फर्जी PWD प्रमाण पत्र बनवाता था और परीक्षा में उनके स्थान पर पेशेवर ‘साल्वरों’ (Scribe/लेखक) को बैठाकर पेपर हल करवाता था । इसके बदले में अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली जाती थी ।
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बरामदगी: अभियुक्तों के पास से ₹2,70,475/- नगद, 13 मोबाइल फोन, 02 लैपटॉप, 01 स्विफ्ट डिजायर कार और 06 फर्जी प्रमाण पत्र बरामद हुए हैं ।
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कानूनी कार्रवाई: लखनऊ के थाना विकासनगर में इनके विरुद्ध बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है ।
2. फर्जी मार्कशीट और वेबसाइट गिरोह (प्रेस नोट 86)
विभिन्न शिक्षा बोर्डों और विश्वविद्यालयों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के 02 सक्रिय सदस्यों को STF ने आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है ।
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अभियुक्त: गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान शशि प्रकाश राय (सरगना) और मनीष कुमार राय के रूप में हुई है ।
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धोखाधड़ी का तरीका: यह गिरोह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स (जैसेwww.upmsp-edu.in) चला रहा था । वे इन वेबसाइटों पर फर्जी रिजल्ट अपलोड करते थे ताकि ऑनलाइन वेरिफिकेशन के दौरान वे असली प्रतीत हों ।
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वसूली: एक फर्जी मार्कशीट या दस्तावेज के लिए गिरोह 15 से 20 हजार रुपये वसूलता था । अब तक वे लगभग 6,000-7,000 फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुके हैं ।
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बरामदगी: इनके पास से 217 फर्जी मार्कशीट/सर्टिफिकेट, 42 फर्जी मोहरें, 05 सीपीयू, 02 पेन ड्राइव और 14 मोबाइल बरामद हुए हैं ।
3. ₹200 करोड़ की जीएसटी चोरी का मामला (प्रेस नोट 88)
बोगस फर्में बनाकर और फर्जी इनवॉइस के जरिए लगभग ₹200 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है
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गिरफ्तारी: अभियुक्त मो० अल्ताफ सोजतवाला को 26 मार्च 2026 को अहमदाबाद, गुजरात से गिरफ्तार किया गया ।
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कार्यप्रणाली: यह गिरोह सीए (CA) आकाश पीयूष सोनी के नेतृत्व में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में पंजीकृत करता था । बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के फर्जी बिल और ई-वे बिल जारी कर वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ पहुँचाया जाता था ।
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नेटवर्क: इस गिरोह ने गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश (अलीगढ़) में कई फर्जी फर्में बना रखी थीं ।
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बरामदगी: अभियुक्त के पास से 01 लैपटॉप, 02 मोबाइल, 01 पेनड्राइव और ₹35,700/- नगद बरामद हुए हैं

