गाजियाबाद: पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

गाजियाबाद में खौफ का अंत: DCP ने भारी पुलिस बल के साथ अगरोला और खड़खड़ी में की रेड, अपराधियों को दी सख्त चेतावनी

गाजियाबाद: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा ‘सर्च ऑपरेशन’ चलाया है। मंगलवार को डीसीपी ग्रामीण (DCP Rural) सुरेंद्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में सात थानों की पुलिस, PAC और QRT के जवानों ने ट्रोनिका सिटी और लोनी के उन इलाकों में दस्तक दी, जहाँ बदमाशों का दबदबा माना जाता था।

7 थानों की पुलिस और PAC का भारी जमावड़ा

मंगलवार को गाजियाबाद की सड़कों पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब DCP ग्रामीण भारी पुलिस बल के साथ ट्रोनिका सिटी के अगरोला और लोनी के नुसरताबाद खड़खड़ी गांव पहुंचे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के मन से अपराधियों का डर निकालना और इलाके में शांति व्यवस्था कायम करना था।

दीपक गैंग के समर्थकों को अल्टीमेटम: ‘हटाओ स्टेटस वरना होगी जेल’

सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने गांव में बकायदा एनाउंसमेंट (मुनादी) कराई। पुलिस ने विशेष रूप से युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा:

  1. जेल में बंद बदमाश दीपक और उसके गिरोह को अपना आदर्श न मानें।

  2. जो भी युवा अपने मोबाइल पर दीपक बदमाश का Status लगाकर उसे महिमामंडन कर रहे हैं, वे उसे तुरंत हटा लें।

  3. बदमाशों को संरक्षण देने या उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ ‘गैंगस्टर एक्ट’ के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

14 हिस्ट्रीशीटरों के गढ़ में पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

DCP सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि अगरोला और नुसरताबाद खड़खड़ी गांवों में लगभग 14 हिस्ट्रीशीटर बदमाश रहते हैं। इन गांवों में अपराधियों की सक्रियता के कारण आम जनता भयभीत रहती थी।

“हमारा लक्ष्य जनता को भयमुक्त करना है। अपराधियों का साथ देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण बेखौफ होकर पुलिस का सहयोग करें।” — सुरेंद्र नाथ तिवारी, DCP ग्रामीण

ग्रामीणों से अपील: पुलिस का साथ दें, खौफ से बचें

सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने घर-घर जाकर संदिग्धों की जांच की और ग्रामीणों से संवाद किया। पुलिस का संदेश साफ है—गाजियाबाद की धरती पर अब अपराधियों की खैर नहीं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां बदमाशों में हड़कंप है, वहीं स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।


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