गयाजी पितृपक्ष मेला: सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन
“गयाजी पितृपक्ष मेला 2026: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे भव्य उद्घाटन”: डिजिटल ऐप, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ई-पिंडदान की विशेष व्यवस्था
पटना/गयाजी (बिहार): सनातन धर्म के सबसे प्रमुख और पवित्र अनुष्ठानों में से एक ‘पितृपक्ष मेला 2026’ के लिए मोक्षधाम गयाजी और पवित्र पुनपुन घाट पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस 15 दिवसीय विश्वप्रसिद्ध मेले का आधिकारिक उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को गयाजी में करेंगे।
देश-विदेश से अपने पूर्वजों के तर्पण और पिंड-दान के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पिंडदानियों की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम यात्रा के लिए इस बार जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
डिजिटल क्रांति: ‘पिंडदान गया जी’ ऐप और ई-पिंडदान सुविधा
इस वर्ष मेले में पारंपरिक धार्मिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का समावेश किया गया है:
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‘पिंडदान गया जी’ मोबाइल ऐप व वेबसाइट: पिंडदानियों को एक क्लिक पर पिंडदान वेदियों, पंडा समाज, आवास, पार्किंग, स्वास्थ्य, यातायात और आपातकालीन सेवाओं की पूरी जानकारी मिलेगी।
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ऑनलाइन पंजीकरण और ई-पिंडदान: मेले में पहुंचने से पहले श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। जो लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए पर्यटन विभाग द्वारा ‘ई-पिंडदान’ (E-Pind Daan) की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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विशेष पर्यटन पैकेज व फल्गु महाआरती: पर्यटन विभाग ने बिहार के अन्य प्रमुख धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों के भ्रमण के लिए स्पेशल टूर पैकेजेस तैयार किए हैं। मेले के दौरान फल्गु नदी के तट पर दिव्य महाआरती का भी भव्य आयोजन किया जाएगा।
पुनपुन घाट पर 5 हजार क्षमता का पंडाल और नागरिक सुविधाएं
गयाजी के प्रवेश द्वार माने जाने वाले पुनपुन नदी तट पर भी श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है:
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विशाल वाटरप्रूफ पंडाल: पुनपुन घाट पर एक साथ 5,000 श्रद्धालुओं के ठहरने और पूजा-अर्चना के लिए विशाल पंडाल निर्मित किया गया है।
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बुनियादी सुविधाएं: घाटों पर स्वच्छ पेयजल, अस्थाई शौचालय, उच्च गुणवत्ता वाली प्रकाश व्यवस्था, निरंतर स्वच्छता अभियान, चिकित्सा शिविर और कड़े सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ देश-विदेश से गयाजी और पुनपुन आ रहे सभी श्रद्धालुओं एवं पिंडदानियों की सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक यात्रा की कामना करती है।
