दिल्ली में कचरे से हेल्थ इमरजेंसी का खतरा!

NGT की दिल्ली सरकार को फटकार: प्रतिदिन जमा हो रहा 3,000 टन अनुपचारित कचरा, यमुना की सफाई पर भी उठाए सवाल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) और सीवेज ट्रीटमेंट की विफलता पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने गहरी नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की हवा और पानी को लेकर किए जा रहे सरकारी दावे हकीकत से कोसों दूर हैं।

कचरे का पहाड़: हर दिन 3,000 टन की भारी चूक

NGT ने आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर बताया कि दिल्ली में कचरा प्रबंधन की स्थिति चिंताजनक है:

  • उत्पादन बनाम उपचार: दिल्ली में प्रतिदिन 11,000 टन से अधिक ठोस कचरा निकलता है, लेकिन केवल 8,000 टन का ही उपचार (Processing) किया जा रहा है।

  • बढ़ता संकट: हर दिन लगभग 3,000 टन बिना उपचारित कचरा जमा हो रहा है, जो शहर के लैंडफिल साइटों पर कचरे के पहाड़ों को और ऊंचा कर रहा है।

यमुना प्रदूषण: 9 एसटीपी मानकों पर फेल

यमुना नदी की सफाई को लेकर भी ट्रिब्यूनल ने सरकार को आड़े हाथों लिया:

  • घटिया प्रदर्शन: जांच में पाया गया कि दिल्ली के 9 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) निर्धारित मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं।

  • सीवेज का बहाव: वजीराबाद बैराज से असगरपुर गांव तक यमुना में बिना उपचारित सीवेज का गिरना लगातार जारी है।

मुख्य सचिव को सख्त निर्देश

एनजीटी ने दिल्ली के मुख्य सचिव को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल होंगे:

  1. सीवर कनेक्टिविटी और नालों में बहने वाले औद्योगिक अपशिष्ट की वर्तमान स्थिति।

  2. एसटीपी की क्षमता और उनके प्रदर्शन का वास्तविक डेटा।

  3. बरसाती नालों में सीवेज को गिरने से रोकने के लिए समयबद्ध (Time-bound) योजना।

कोर्ट की अगली कार्रवाई

ट्रिब्यूनल ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ता कात्यायनी और विक्रांत बडेसरा को ‘न्याय मित्र’ (Amicus Curiae) नियुक्त किया है, जो इस लड़ाई में कोर्ट की सहायता करेंगे। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को भी यमुना के जल की गुणवत्ता से संबंधित ताजा आंकड़े पेश करने को कहा गया है।

इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को तय की गई है।


facebook channel

Youtube

और अपडेट्स के लिए हमसे जुड़े रहें।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: