₹11 करोड़ भेजने वाला गणपत गिरफ्तार
“चीनी सिंडिकेट का हवाला नेटवर्क ध्वस्त: ₹11 करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा अवैध रूप से चीन भेजने वाला गणपत लाल करोल बाग से गिरफ्तार”
नोएडा / दिल्ली: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) की नोएडा फील्ड इकाई ने भारत में अवैध रूप से रह रहे चीनी नागरिक के सिंडिकेट से जुड़े हवाला कारोबारी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। शेल (Shell) कंपनियां बनाकर भारतीय मुद्रा को अवैध तरीके से चीन भेजने वाले इस गिरोह के सक्रिय सदस्य गणपत लाल राजपुरोहित को दिल्ली के करोल बाग से गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में भारतीय व विदेशी मुद्रा, पासपोर्ट, चेक बुक, जीएसटी दस्तावेज और विभिन्न बैंक कार्ड बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण एवं बरामदगी
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अभियुक्त: गणपत लाल राजपुरोहित पुत्र राणा राम राजपुरोहित (उम्र लगभग 30 वर्ष)
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पता: ग्राम सिधांसवा चौहानन, थाना मूडामलानी, जिला बालोतरा, राजस्थान
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गिरफ्तारी का स्थान व समय: करोल बाग, दिल्ली (दिनांक: 28 सितंबर 2026, समय: दोपहर लगभग 3:55 बजे)
बरामदगी:
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₹8,20,000/- भारतीय नकद मुद्रा
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100 US डॉलर, 100 थाई बाट (Thi Bar), 36 चीनी युआन (Yuan)
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01 पासपोर्ट, चीन वीजा इन्विटेशन व एप्लीकेशन फॉर्म
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‘KK Traders’ फर्म का GST रजिस्ट्रेशन, कैश मीमो बुकलेट
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05 क्रेडिट कार्ड, 02 पैन कार्ड, विभिन्न बैंकों की चेक बुक
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फर्जी कंपनियों और अंडर-इनवॉइसिंग से ₹11 करोड़ चीन भेजे
यूपी एसटीएफ नोएडा फील्ड इकाई के एएसपी राजकुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण और डीएसपी नवेंदु कुमार के नेतृत्व में निरीक्षक सचिन कुमार व उपनिरीक्षक सनत कुमार की टीम इस फर्जीवाड़े की जांच कर रही थी:
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चीनी नागरिक की पूर्व गिरफ्तारी: 22 जुलाई 2026 को एसटीएफ ने ग्रेटर नोएडा की पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसाइटी से अवैध रूप से रह रहे चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई (Liao Longhui) उर्फ ‘सैम्युअल लोथा’ (नागालैंड के पते का फर्जी कार्डधारक) और उसके दो भारतीय साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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अंडर-इनवॉइसिंग का खेल: जांच में सामने आया कि लियाओ लोंगहुई ने ‘YTL’ और ‘Z-One’ नाम से फर्जी शेल कंपनियां बनाई थीं। करोल बाग में मोबाइल एक्सेसरीज के नाम पर अंडर-इनवॉइसिंग (Under Invoicing) करके करोड़ों रुपये नकद प्राप्त किए जाते थे।
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मिशेल और सारा के जरिए हवाला: गणपत लाल राजपुरोहित दिल्ली के करोल बाग ऑफिस से नकद राशि इकट्ठा करता था और चीन में बैठी लियाओ की पत्नी मिशेल व उसकी बहन सारा के साथ मिलकर अन्य हवाला कारोबारियों के जरिए रकम चीन भेजता था।
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₹11 करोड़ की अवैध ट्रांजैक्शन: शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच आरोपी ने ₹11 करोड़ से अधिक की भारतीय मुद्रा अवैध रूप से चीन भेजी है।
कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी गणपत लाल राजपुरोहित के खिलाफ थाना फेस-2, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और द इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 (The Immigration and Foreigners Act 2025) की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ देश की आर्थिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए यूपी एसटीएफ की इस बड़ी सफलता की सराहना करती है।
