बिजली कटौती से मिलेगी मुक्ति, बनेगी SOP
Delhi Power Supply: अब ग्रिड फेल होने पर नहीं होगी घंटों कटौती, सरकार तैयार कर रही है नया SOP
नई दिल्ली: राजधानी में बिजली नेटवर्क या ग्रिड में खराबी आने पर होने वाली लंबी बिजली कटौती अब बीते दिनों की बात हो सकती है। दिल्ली सरकार का ऊर्जा विभाग एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर रहा है, जिसके तहत तकनीकी आपातकाल की स्थिति में बिजली बहाली के लिए त्वरित और तय कदम उठाए जाएंगे।
क्यों पड़ी SOP की जरूरत?
पिछले कुछ वर्षों में दो बड़ी घटनाओं ने दिल्ली की बिजली व्यवस्था की संवेदनशीलता को उजागर किया था:
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अगस्त 2025 की ग्रिड फेलियर: 220 kV ग्रिड में आई खराबी के कारण लगभग 550 मेगावाट बिजली की कमी हो गई थी। इससे रोहिणी, पीतमपुरा, मॉडल टाउन और सिविल लाइंस जैसे बड़े इलाकों में कई घंटों तक अंधेरा छाया रहा था।
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जून 2024 का मंडोला कांड: गाजियाबाद के मंडोला सबस्टेशन में लगी आग ने पूरी दिल्ली की सप्लाई चेन को प्रभावित किया था, जिससे उत्तर-पूर्वी से लेकर मध्य दिल्ली तक के लाखों लोग प्रभावित हुए थे।
विशेषज्ञ समिति करेगी मसौदा तैयार
दिल्ली ऑपरेशन कोऑर्डिनेशन कमेटी (OCC), जो राज्य के पावर नेटवर्क की निगरानी करती है, ने पिछले महीने एक विशेषज्ञ समिति के गठन का निर्णय लिया है।
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समिति की संरचना: इसमें विभिन्न सरकारी बिजली एजेंसियों और निजी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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उद्देश्य: यह समिति एक ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार करेगी जिससे ग्रिड में खराबी आने पर तुरंत बैकअप रूट से बिजली सप्लाई शुरू की जा सके और आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो।
SOP से होने वाले फायदे
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त्वरित बहाली: तकनीकी खराबी होने पर यह स्पष्ट होगा कि किस अधिकारी और विभाग को क्या कदम उठाना है।
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बेहतर समन्वय: डिस्कॉम और ग्रिड ऑपरेटरों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज होगा।
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भार प्रबंधन: वैकल्पिक स्रोतों से बिजली को डाइवर्ट करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
यह कदम न केवल गर्मियों के पीक लोड के दौरान दिल्लीवासियों को राहत देगा, बल्कि भविष्य में मंडोला जैसी बड़ी दुर्घटनाओं के असर को भी कम करने में मददगार साबित होगा।
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