सात सूत्री मांगों को लेकर शेखपुरा में किसानों का उग्र प्रदर्शन, धान की फसल जलाकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध
शेखपुरा में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने सात सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पटेल चौक पर आयोजित एक दिवसीय धरने के बाद किसानों ने पैदल मार्च करते हुए समाहरणालय तक मार्च किया और वहां धान की फसल जलाकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संयोजक सुरेश प्रसाद एवं महासचिव सुबोध कुमार ने कहा कि बिहार के किसानों की हालत देश में सबसे दयनीय होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसान खेती छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर हैं और राज्य से पलायन लगातार बढ़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
किसान नेताओं ने अपनी प्रमुख मांगों में फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, सिंचाई की स्थायी व्यवस्था, चकबंदी कानून लागू करने, मेडिकल कॉलेज का निर्माण तथा घाटकोसांभा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग शामिल बताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में यूनियन के जिलाध्यक्ष हरिहर महतो, मंजय कुमार, वशिष्ठ यादव, पूनम देवी, उषा देवी, बालेश्वर चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
रिपोर्ट,सोनू कुमार
बिहार,
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

