फर्जी मार्कशीट गैंग: आजमगढ़ से 2 अरेस्ट

UP STF का एक्शन: आजमगढ़ में फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार ⚖️

फर्जी वेबसाइट के जरिए देते थे असली का भ्रम

उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने विभिन्न शिक्षा बोर्ड्स और यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट्स, सर्टिफिकेट और माइग्रेशन प्रपत्र तैयार करने वाले एक सक्रिय गिरोह के दो सदस्यों को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया है यह गिरोह यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स (जैसे www.upmsp-edu.in) बनाकर आमजन को भ्रमित कर रहा था

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण 📋

एसटीएफ की टीम ने आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र से निम्नलिखित अभियुक्तों को दबोचा है:

  • शशि प्रकाश राय (उर्फ राजन शर्मा): गिरोह का सरगना, जिसने दिल्ली से B.Sc की है

  • मनीष कुमार राय: सरगना का ममेरा भाई, जो फर्जी दस्तावेजों को तकनीकी रूप से तैयार करता था

धोखाधड़ी का ‘डिजिटल’ तरीका 📉

पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

  1. सोशल मीडिया मार्केटिंग: गिरोह ने जौनपुर में कॉल सेंटर खोलकर सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिए, जिससे लोग इनसे संपर्क करते थे

  2. ऑनलाइन वेरिफिकेशन का खेल: ये लोग फर्जी वेबसाइट पर कूट रचित मार्कशीट का रिजल्ट भी अपलोड कर देते थे, जिससे रोल नंबर डालने पर रिजल्ट असली प्रतीत होता था

  3. वसूली और वितरण: एक फर्जी मार्कशीट बनाने के लिए 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे और दस्तावेज कूरियर के जरिए भेजे जाते थे

  4. व्यापक जाल: गिरोह अब तक 6 से 7 हजार से अधिक फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है

भारी मात्रा में उपकरण बरामद 🚔

अभियुक्तों के पास से फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है:

  • दस्तावेज: 217 कूट रचित मार्कशीट्स, सर्टिफिकेट और माइग्रेशन प्रपत्र

  • फर्जी मोहरें: 42 अदद विभिन्न संस्थानों की फर्जी मोहरें

  • हार्डवेयर: 05 सीपीयू, 02 पेन ड्राइव और 14 मोबाइल फोन

  • अन्य: 10 रजिस्टर और 01 यूपीआई क्यूआर स्कैनर

साइबर थाना, प्रयागराज में अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है पुलिस अब उन संस्थानों की भी जांच कर रही है जहाँ इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोग नौकरियां कर रहे हैं


मुख्य जानकारी:

  • गिरफ्तारी का स्थान: सुहौली, आजमगढ़

  • निगरानी: पुलिस उपाधीक्षक सुधांशु शेखर, एसटीएफ लखनऊ

  • चेतावनी: आधिकारिक वेबसाइट के मिलते-जुलते डोमेन नाम से सावधान रहें


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )


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