नकली चालान घोटाला: ₹70 Cr ED एक्शन
🚨 ब्रेकिंग: इंदौर शराब नकली चालान घोटाला; ED ने ₹70 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की
[इंदौर, 28 नवंबर 2025]
प्रवर्तन निदेशालय (ED), इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने “शराब नकली चालान घोटाले” से जुड़े मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। ED ने ₹70 करोड़ से अधिक के 28 संपत्तियों को कुर्क (Attach) करने के लिए अनंतिम कुर्की आदेश (Provisional Attachment Order) जारी किया है।
💰 जब्त संपत्तियों का विवरण
| विवरण | जानकारी |
| कुर्की की तारीख | 28.11.2025 |
| कुर्क संपत्ति की संख्या | 28 संपत्तियाँ (अपराध की आय – Proceeds of Crime) |
| संपत्ति का प्रकार | भूमि और फ्लैट (अचल संपत्ति) |
| स्थान | इंदौर, मंदसौर और खरगोन में विभिन्न स्थान |
| वर्तमान बाजार मूल्य | ₹70 करोड़ से अधिक |
| मालिक | विभिन्न शराब ठेकेदार |
📝 घोटाले का तरीका (Modus Operandi)
ED ने यह जांच रावजी पुलिस स्टेशन, इंदौर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी, जिसमें सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए शराब ठेकेदारों द्वारा खजाना चालान (Treasury Challans) की जालसाजी और हेरफेर का आरोप था।
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नकली चालान: आरोपी व्यक्ति कम राशि के चालान तैयार करते थे और उन्हें बैंक में जमा करते थे।
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छेड़छाड़: चालान के निर्धारित प्रारूप में “अंकों में रुपये” (Rs. in figures) में राशि भरी जाती थी, लेकिन “शब्दों में रुपये” (Rs. in Words) के लिए जगह खाली छोड़ दी जाती थी।
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वृद्धि: राशि जमा करने के बाद, जमाकर्ता बाद में “अंकों में रुपये” की राशि में हेरफेर करता था और “शब्दों में रुपये” वाली खाली जगह में बढ़ी हुई राशि भर देता था।
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सरकारी नुकसान: इस हेरफेर किए गए चालान को संबंधित देशी शराब के गोदाम या विदेशी शराब के मामले में जिला आबकारी कार्यालय में जमा किया जाता था। इस तरह, कम शुल्क/फीस जमा करके भी अधिक शराब स्टॉक प्राप्त कर लिया जाता था, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ।
💸 अपराध की आय और गिरफ्तारी
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अपराध की आय (Proceeds of Crime): PMLA जांच में स्थापित हुआ है कि राजू दशवंत, अंश त्रिवेदी और अन्य ठेकेदारों ने जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र जैसे अनुसूचित अपराधों से ₹49 करोड़ से अधिक की अपराध की आय (Proceeds of Crime) उत्पन्न करने, रखने, छुपाने और प्रदर्शित करने की गतिविधियों में संयुक्त रूप से भाग लिया।
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गिरफ्तारी: ED ने पहले ही मुख्य आरोपी राजू दशवंत और अंश त्रिवेदी को गिरफ्तार कर लिया था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं।
आगे की जांच जारी है।

