पीएम-सेतु योजना का विस्तार: आधुनिक बुनियादी ढांचे और हब-एंड-स्पोक मॉडल से संवर रहा देश का वोकेशनल ट्रेनिंग इकोसिस्टम
“पीएम-सेतु (PM-SETU): आधुनिक बुनियादी ढांचे और उद्योग की भागीदारी से भारत के व्यावसायिक प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को मिल रही मजबूती”
नई दिल्ली: भारत में युवाओं को रोजगारपरक और आधुनिक कौशल से लैस करने की दिशा में ‘पीएम-सेतु’ (PM-SETU) योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह पहल आधुनिक बुनियादी ढांचे, उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी और मांग-आधारित (डमांड-ड्रिवन) प्रशिक्षण के माध्यम से देश के व्यावसायिक प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को अत्यधिक मजबूत कर रही है।
इस योजना के तहत हब-एंड-स्पोक मॉडल (Hub-and-Spoke model) और उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण पर विशेष फोकस करते हुए 1,000 सरकारी आईटीआई (ITIs) के उन्नयन (Upgrading) पर कार्य किया जा रहा है।
1. पीएम-सेतु योजना के मुख्य बिंदु और उद्देश्य
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शुरुआत और लक्ष्य: अक्टूबर 2025 में शुरू की गई इस योजना का क्रियान्वयन सरकारी आईटीआई (ITIs) और एनएसटीआई (NSTIs) को लगातार बदलती कार्यबल (Workforce) की आवश्यकताओं के करीब ला रहा है।
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नए युग के कौशल और वैश्विक विशेषज्ञता: इसके माध्यम से छात्रों को नए जमाने के आधुनिक कौशल (New-age skills), अंतरराष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता और शुरुआती व्यावसायिक एक्सपोजर (Early vocational exposure) तक पहुंच का विस्तार मिल रहा है।
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उद्योग सहभागिता: यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि प्रशिक्षण आधुनिक उद्योगों की वास्तविक मांग के अनुरूप हो, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल सकें।
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