ED का बड़ा एक्शन: 70 करोड़ की धोखाधड़ी
जयपुर: ED का ‘कमाई के साथ पढ़ाई’ वाली कंपनी पर बड़ा एक्शन, 70 करोड़ की ठगी में चार्जशीट दाखिल
जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जयपुर जोनल ऑफिस ने ऑनलाइन एजुकेशन और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) के नाम पर देश भर के लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है । ED ने 15 दिसंबर 2025 को मैसर्स प्रिया होम स्टडी प्राइवेट लिमिटेड (PHSPL) और इसके निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में माननीय विशेष न्यायालय (PMLA) के समक्ष प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (PC) दाखिल कर दी है ।
“Earn While You Learn” के झांसे में फंसाए लाखों लोग
ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि साल 2002 में एक एजुकेशन कंपनी के रूप में पंजीकृत हुई यह संस्था असल में एक बड़े मनी सर्कुलेशन स्कैम का मुखौटा थी ।
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धोखाधड़ी का तरीका: कंपनी ने “पढ़ाई के साथ कमाई” (Earn While You Learn) जैसे भ्रामक विज्ञापनों और सेमिनारों के जरिए लोगों को लुभाया ।
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सदस्यता शुल्क: निवेशकों से 5,800 रुपये से लेकर 11,800 रुपये तक की मेंबरशिप फीस ली गई और बदले में अवास्तविक रिटर्न का वादा किया गया ।
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एजुकेशन महज दिखावा: जांच में पाया गया कि शैक्षिक कंटेंट केवल फंड इकट्ठा करने और वैधता के झूठे दावों के लिए एक दिखावा (Façade) था ।
70 करोड़ की लॉन्ड्रिंग और संपत्तियों पर कार्रवाई
राजस्थान और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज 59 FIR के आधार पर शुरू हुई इस जांच में वित्तीय हेरफेर के बड़े सबूत मिले हैं:
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70 करोड़ का घोटाला: बैंक खातों और बयानों की जांच से पता चला कि कई राज्यों के लाखों निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया गया, जिसमें से लगभग 70 करोड़ रुपये की राशि बेईमानी से रिटेन की गई और लॉन्डर की गई ।
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जायदाद में निवेश: अपराध की इस कमाई (Proceeds of Crime) का इस्तेमाल कंपनी और निदेशकों के परिजनों के नाम पर कई अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया ।
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संपत्ति अटैच: ED ने 3.06 करोड़ रुपये की विभिन्न संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच किया था, जिसे अब एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने कंफर्म कर दिया है ।
इन आरोपियों पर कसा शिकंजा
ED ने PMLA, 2002 के प्रावधानों के तहत जिन मुख्य आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है, उनमें शामिल हैं:
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महेश कुमार (निदेशक/पूर्व निदेशक)
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सत्य प्रकाश (निदेशक/पूर्व निदेशक)
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सोमबीर पूनिया (निदेशक/पूर्व निदेशक)
जारी है आगे की जांच
ED के अनुसार, मामले में आगे की जांच अभी प्रगति पर है । एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है ।

