ED की रेड: भू-मुआवजा घोटाले में जब्ती
छत्तीसगढ़ में ED का बड़ा एक्शन: भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन मुआवजे के नाम पर करोड़ों का खेल, हरमीत सिंह खुजाना समेत कई ठिकानों पर छापेमारी
रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल ऑफिस ने छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम हाईवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े को लेकर ED ने रायपुर और महासमुंद में 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
यह कार्रवाई हरमीत सिंह खुजाना और उनके करीबियों के आवासीय व आधिकारिक परिसरों पर PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट), 2002 के तहत की गई है।
क्या है पूरा मामला? (The Land Scam)
ED की यह जांच रायपुर के एसीबी/ईओडब्ल्यू (ACB/EOW) द्वारा दर्ज की गई उस FIR पर आधारित है, जो अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी।
आरोप है कि:
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आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी की।
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भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के लिए अवैध तरीके से भारी-भरकम मुआवजा हासिल किया।
कैसे किया गया फर्जीवाड़ा: ‘बैक-डेट’ एंट्री और जमीन के टुकड़े
ED की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने अधिक मुआवजा हड़पने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी:
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जमीन का कृत्रिम विभाजन: बड़ी जमीन के टुकड़ों को जानबूझकर परिवार के सदस्यों के बीच छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया गया।
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बैक-डेट एंट्री: राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर इन विभाजनों को अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से पहले का दिखाया गया।
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उद्देश्य: छोटे होल्डिंग्स दिखाकर मुआवजे के ढांचे का फायदा उठाना और सरकार से कई गुना अधिक राशि वसूलना।
इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है और प्राप्त की गई अतिरिक्त राशि को ED ने ‘Proceeds of Crime’ (POC) यानी अपराध की कमाई माना है।
छापेमारी में क्या मिला? (Seizures)
29 दिसंबर 2025 को की गई इस सर्च ऑपरेशन में ED के हाथ बड़ी सफलता लगी है:
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नकद: तलाशी के दौरान 40 लाख रुपये कैश जब्त किया गया।
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डिजिटल सबूत: कई डिजिटल डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं जो घोटाले की पुष्टि करते हैं।
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संपत्तियां: जांच के दौरान अपराध की कमाई से खरीदी गई कई चल और अचल संपत्तियों की पहचान की गई है, जिन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
आगे की कार्रवाई
ED के अनुसार, यह मामला सरकारी तंत्र और भू-माफियाओं के बीच गहरे गठजोड़ का संकेत देता है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
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