दिल्ली: ट्रेनों की देरी से यात्री बेहाल

दिल्ली में कड़ाके की ठंड और ट्रेनों की भारी लेटलतीफी: दरभंगा अमृत भारत 17 घंटे तो हमसफर 16 घंटे लेट, यात्री बेहाल

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच रेल यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ लोकल ट्रेनों की लेटलतीफी ने रेल यातायात को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। शनिवार को दिल्ली आने वाली लगभग 70 ट्रेनें दो घंटे से अधिक की देरी से चल रही हैं। ट्रेनों के समय में बार-बार हो रहे बदलाव और सटीक जानकारी न मिलने के कारण यात्रियों को खुले प्लेटफॉर्म पर ठिठुरने को मजबूर होना पड़ रहा है।

लंबी दूरी की ट्रेनों पर ‘ब्रेक’, घंटों का इंतजार

देरी से आने के कारण कई प्रमुख ट्रेनों के प्रस्थान समय (Departure) को रिशेड्यूल करना पड़ा है। शुक्रवार को रवाना होने वाली ट्रेनें शनिवार सुबह दिल्ली से निकल सकीं।

देरी से रवाना होने वाली मुख्य ट्रेनें:

  • दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस: 17:30 घंटे विलंब

  • चंपारण हमसफर एक्सप्रेस: 16:30 घंटे विलंब

  • दरभंगा हमसफर विशेष: 06:24 घंटे विलंब

  • सरबत दा भला एक्सप्रेस: 02:30 घंटे विलंब

  • हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस: 01:55 घंटे विलंब

लोकल और ईएमयू (EMU) यात्रियों की भी बढ़ी आफत

दफ्तर जाने वाले और दैनिक यात्रियों के लिए लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेनें भी आधे से लेकर डेढ़ घंटे की देरी से चल रही हैं:

  • मथुरा-गाजियाबाद ईएमयू: 1.5 घंटे लेट।

  • मथुरा-नई दिल्ली व सहारनपुर ईएमयू: 1 घंटा लेट।

  • बुलंदशहर-तिलक ब्रिज एमईएमयू: 1 घंटा लेट।

  • रेवाड़ी, पानीपत और कुरुक्षेत्र पैसेंजर: 30 से 45 मिनट की देरी।

यात्रियों का दर्द: “ठंड में प्लेटफॉर्म पर रात गुजारना मजबूरी”

ट्रेनों के समय में बार-बार परिवर्तन होने से यात्रियों में भारी रोष है। आनंद विहार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का कहना है कि मोबाइल ऐप और पूछताछ काउंटर पर अलग-अलग समय बताया जा रहा है। कड़ाके की ठंड और कोहरे की वजह से बुजुर्गों और बच्चों को प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना भारी पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि कोहरे और सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति प्रभावित हुई है, जिसके चलते यह स्थिति पैदा हुई है।


facebook channel

Youtube

और अपडेट्स के लिए हमसे जुड़े रहें।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: