दिल्ली: हर क्षेत्र में खुलेंगी लाइब्रेरी
दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: अब हर विधानसभा में खुलेंगे कम्युनिटी लाइब्रेरी, युवाओं को मिलेगा मुफ्त पढ़ाई का मौका!
नई दिल्ली: दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पहल की है। अब दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में सामुदायिक पुस्तकालय (Community Libraries) खोले जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के युवाओं और बच्चों में पढ़ने की आदतों को विकसित करना है, ताकि उन्हें संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई से समझौता न करना पड़े।
हर निर्वाचन क्षेत्र में होंगे 1 से 2 पुस्तकालय
कला, संस्कृति और भाषा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकार अपनी ‘भागीदारी योजना’ के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में न्यूनतम एक और अधिकतम दो पुस्तकालय स्थापित करेगी। यह पहल जमीनी स्तर पर शिक्षा के प्रसार में मील का पत्थर साबित होगी।
NGO के साथ मिलकर चलेगी योजना
इन पुस्तकालयों का संचालन गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के सहयोग से किया जाएगा। योजना की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
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जगह की उपलब्धता: NGO को कम से कम 30 बच्चों के एक साथ बैठने के लिए पर्याप्त जगह देनी होगी।
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पठन सामग्री: समाचार पत्र, पत्रिकाएं, जर्नल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उपलब्ध कराना NGO की जिम्मेदारी होगी।
वित्तीय सहायता और बजट का आवंटन
सरकार ने इन पुस्तकालयों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अनुदान राशि भी निर्धारित की है:
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प्रथम वर्ष: प्रत्येक NGO को 1.03 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। इसमें से 40% फर्नीचर, 40% किताबों/पत्रिकाओं और 20% कर्मचारियों के मानदेय (Salary) पर खर्च होगा।
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द्वितीय वर्ष से: सालाना 40,000 रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसमें से 70% नई पत्रिकाओं/अखबारों और 30% मानदेय के लिए होगा।
राजा राम मोहन राय फाउंडेशन का भी मिलेगा साथ
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किताबों और फर्नीचर की आपूर्ति दिल्ली सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित ‘राजा राम मोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन योजना’ के तहत भी की जा सकती है। इससे पुस्तकालयों में उच्च गुणवत्ता वाली पठन सामग्री सुनिश्चित हो सकेगी।
युवाओं के लिए क्यों जरूरी है यह पहल?
दिल्ली जैसे महानगर में गरीब छात्रों के लिए शांति से पढ़ने की जगह और महंगी किताबें खरीदना एक बड़ी चुनौती है। सरकार की यह ‘कम्युनिटी लाइब्रेरी’ योजना न केवल छात्रों को एक बेहतर माहौल देगी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी संजीवनी साबित होगी।
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