दिल्ली ई-बस बेड़ा: 5,088 पहुंची संख्या

दिल्ली के बेड़े में शामिल हुईं 50 नई इलेक्ट्रिक बसें: दिल्ली-रेवाड़ी अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत, कुल संख्या 5,088 हुई

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और हरित गतिशीलता (Green Mobility) के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राजधानी दिल्ली में स्वच्छ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को एक नई गति मिली है। दिल्ली सरकार ने परिवहन बेड़े में 50 नई ज़ीरो-एमिशन (Zero-Emission) इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इसके साथ ही दिल्ली के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या बढ़कर 5,088 हो गई है, जो देश के किसी भी शहर में ई-बसों का सबसे बड़ा बेड़ा है।

दिल्ली-रेवाड़ी अंतरराज्यीय ई-बस सेवा का शुभारंभ सार्वजनिक परिवहन को शहर की सीमाओं से परे सुगम और प्रदूषण-मुक्त बनाने के उद्देश्य से नई अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की गई है:

  • रूट और कनेक्टिविटी: यह ई-बस सेवा धौला कुआँ से शुरू होकर गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा होते हुए रेवाड़ी तक जाएगी। लगभग 86 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

  • यात्री सुरक्षा एवं आधुनिक सुविधाएं: नई 12-मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे, पैनिक बटन और आधुनिक डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं।

पर्यावरण संरक्षण और 14 हजार बसों का लक्ष्य परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली का कुल बस बेड़ा अब लगभग 6,840 (5,088 इलेक्ट्रिक और 1,752 सीएनजी) बसों का हो गया है:

  • ग्रीन मोबिलिटी का विस्तार: सरकार का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2028-29 तक राजधानी के सार्वजनिक परिवहन बेड़े को बढ़ाकर लगभग 14,000 बसों तक पहुँचाना है, जिसमें बहुसंख्या इलेक्ट्रिक बसों की होगी।

  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: ई-बसों के सुचारू संचालन के लिए हसनपुर और गाजीपुर डिपो में नए सार्वजनिक ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशन भी चालू किए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तेजी से अपनाई जा रही ई-मोबिलिटी नीतियों का ही परिणाम है कि दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन अब अधिक सुरक्षित, कनेक्टेड और पर्यावरण-अनुकूल बन रहा है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine

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