दिल्ली: पाइपलाइन से 55% पानी बर्बाद

दिल्ली विधानसभा में गूंजा दूषित पानी का मुद्दा: जल मंत्री का बड़ा कबूलनामा—जर्जर पाइपलाइनों से बर्बाद हो रहा है 55% पानी

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायकों द्वारा उठाए गए दूषित पानी और किल्लत के मुद्दे पर सदन में गरमागरम बहस हुई। विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने स्वीकार किया कि दिल्ली की पाइपलाइनें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि कुल उपलब्ध पानी का 55 प्रतिशत हिस्सा घरों तक पहुँचने से पहले ही बर्बाद या दूषित हो जाता है।

जर्जर नेटवर्क: 16,000 KM पाइपलाइन का संकट

जल मंत्री ने सदन को आंकड़ों के जरिए दिल्ली के जल संकट की जमीनी हकीकत बताई। उन्होंने कहा कि इसे नॉन-रेवेन्यू वाटर (NRW) कहा जाता है।

  • 30 साल से पुरानी पाइपलाइन: 5,200 किलोमीटर।

  • 20 से 30 साल पुरानी पाइपलाइन: 2,700 किलोमीटर।

  • नतीजा: पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण पानी में लीकेज और प्रदूषण की समस्या बनी हुई है।

 

पिछली सरकारों पर फोड़ा ठीकरा, ‘जाइका’ और ‘एडीबी’ प्रोजेक्ट्स का जिक्र

प्रवेश वर्मा ने जल संकट के लिए पूर्ववर्ती सरकारों की ‘अनिर्णयता’ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चंद्रावल और वजीराबाद जल परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि बार-बार टेंडर निरस्त होने और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों (JICA और ADB) से टकराव के कारण ये प्रोजेक्ट्स लटके रहे।

  • चंद्रावल परियोजना: जाइका की मदद से ₹2,406 करोड़ की इस योजना से 22 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

  • वजीराबाद परियोजना: एडीबी के सहयोग से ₹3,715 करोड़ की इस परियोजना से 30 लाख की आबादी को स्वच्छ पानी मिलेगा।

मिशन 24×7: दिल्ली सरकार के बड़े कदम

सरकार ने अगले 11 महीनों के लिए जल आपूर्ति और सीवर नेटवर्क में सुधार हेतु ₹7,212 करोड़ की 94 परियोजनाओं को मंजूरी दी है:

योजना का नाम मुख्य कार्य अपेक्षित लाभ
चंद्रावल प्रोजेक्ट 1044 किमी नई पाइपलाइन + 21 जलाशय 9 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ
वजीराबाद प्रोजेक्ट 1697 किमी नई पाइपलाइन + 14 जलाशय 11 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ
ट्यूबवेल नेटवर्क 262 नए ट्यूबवेल + 200 किमी पाइपलाइन अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों को राहत
सीवर सफाई 100 किमी ट्रंक सीवर की सफाई (₹170 Cr) जल भराव और गंदगी से मुक्ति

पानी की उपलब्धता बढ़ाने की रणनीति

दिल्ली में पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए सरकार बाहरी राज्यों और विशेषज्ञों से संपर्क में है:

  • हिमाचल प्रदेश: 113 MGD अतिरिक्त पानी के लिए बातचीत जारी।

  • हरियाणा व UP: 51 क्यूसेक जल के लिए चर्चा।

  • IIT रुड़की: मुनक नहर से पाइपलाइन के जरिए पानी लाने का वैज्ञानिक अध्ययन।

  • द्वारका WTP: क्षमता में 20 MGD की वृद्धि की गई है।

जल मंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की जल समस्या राजनीति से नहीं, बल्कि सही नीति और नीयत से सुलझेगी। सरकार हर घर तक स्वच्छ और 24×7 जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


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