ऋषिकेश में कॉरुगेटेड बॉक्स निर्माताओं का मंथन: कागज-PNG की महंगाई और जीएसटी विसंगतियों के बीच उद्योग के अस्तित्व को बचाने की उठी मांग
“ऋषिकेश में देशभर के कॉरुगेटेड बॉक्स निर्माताओं का महाकुंभ: कागज-PNG की बढ़ती कीमतों और जीएसटी विसंगतियों पर हुआ मंथन”
विशेष आर्थिक एवं उद्योग रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
ऋषिकेश: उत्तराखंड के पावन तीर्थ नगरी ऋषिकेश स्थित ऋषिवन में उत्तर प्रदेश कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (UPCBMA) की वार्षिक आम सभा का आयोजन किया जा रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एस. के. चौहान की अध्यक्षता में शुरू हुए इस तीन दिवसीय आयोजन में देश भर से आए कॉरुगेटेड बॉक्स निर्माताओं ने उद्योग के अस्तित्व, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य के विकास पर गहन मंथन किया। कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ कॉरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया (FCBM) के अध्यक्ष श्री राजेंद्र भाटी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।



1. कागज और PNG की बढ़ती कीमतों से उद्योग चिंतित
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उत्पादन लागत में भारी उछाल: बैठक में निर्माताओं ने कागज की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि, PNG की बढ़ती लागत, स्टार्च के महंगे होने और श्रम खर्च में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर गहरी चिंता व्यक्त की।
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लाभप्रदता पर संकट: कारोबारियों का मानना है कि कच्चे माल के महंगे होने से छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए कारोबार को टिकाऊ बनाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में लागत नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया।



2. इनवर्टेड जीएसटी संरचना (Inverted GST Structure) पर उठे सवाल
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कर विसंगति का मुद्दा: बैठक का एक अन्य प्रमुख केंद्र बिंदु खरीद पर 18 प्रतिशत जीएसटी और बिक्री पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दरों से उत्पन्न होने वाली विसंगति रहा।
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कार्यशील पूंजी पर दबाव: निर्माताओं ने चर्चा की कि इस कर ढांचे के कारण इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के रिफंड और समायोजन में समस्याएं आ रही हैं, जिससे उद्यमियों की कार्यशील पूंजी (Working Capital) पर भारी दबाव पड़ रहा है।
3. गुणवत्ता सुधार और तकनीकी उन्नयन पर जोर
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केवल समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय, बैठक में बेहतर गुणवत्ता वाले कॉरुगेटेड बोर्ड और बॉक्स तैयार करने की आधुनिक तकनीकों पर भी विचार किया गया।
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विशेषज्ञों ने माना कि कच्चे माल का सही चयन और मशीनों का बेहतर उपयोग पैकेजिंग को मजबूत और विश्वसनीय बनाता है, जो भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की दीर्घकालिक सफलता के लिए अनिवार्य है।
4. दिग्गज उद्योग विशेषज्ञों की सहभागिता
इस तीन दिवसीय आयोजन (जो FCBM की चौथी प्रबंध समिति की बैठक के क्रम में हो रहा है) में देश के कई जाने-माने उद्योग विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में श्री अजय शुक्ला, श्री आर. जे. सिंह, श्री नवनीत अग्रवाल, श्री एम. एल. श्रीवास्तव, श्री संजीव धींगरा, श्री सुशील सूद, श्री नितिन पटेल, श्री संजय गुप्ता, डॉ. के. पी. सिंह, श्री आनंद भाटिया, श्री प्रशांत त्यागी और श्री विकास खन्ना ने सहभागिता की। आगामी दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन से उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
5. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: विनिर्माण क्षेत्र की रीढ़ और नीतिगत समाधान
पैकेजिंग उद्योग किसी भी देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रीढ़ होता है। जब तक बॉक्स निर्माताओं को सुगम नीतियां और कच्चा माल उचित दरों पर नहीं मिलेगा, तब तक औद्योगिक विकास को गति मिलना कठिन है। सरकार और उद्योगपतियों को मिलकर इन व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालना होगा।
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