वाराणसी से 30 लाख का गांजा बरामद, तस्कर गिरफ्तार

UP STF की बड़ी कार्रवाई: वाराणसी में कूरियर के जरिए ‘सिल्क साड़ी’ के नाम पर मंगाया जा रहा था गांजा; ₹30 लाख की खेप के साथ तस्कर प्रेम चंद्र मौर्या गिरफ्तार

वाराणसी (उत्तर प्रदेश):

उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (UP STF) की फील्ड इकाई, वाराणसी को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध ड्रग्स की तस्करी करने वाले एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है, जिसे पूर्वोत्तर राज्य असम से कूरियर के जरिए वाराणसी मंगाया गया था

📦 ‘सिल्क साड़ी’ के पैकेटों में छिपाकर रखा था 123 किलो गांजा

एसटीएफ को यह कामयाबी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम के साथ किए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान मिली:

  • छापेमारी और बरामदगी: एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि एक तस्कर कूरियर सर्विस के जरिए असम से गांजे की बड़ी खेप मंगाकर वाराणसी और आसपास के जिलों में सप्लाई करने की फिराक में है। इस सूचना पर टीम ने रोहनिया क्षेत्र के परमानन्दपुर स्थित TCI-Express कूरियर सर्विस के गोदाम में छापेमारी की। तलाशी के दौरान वहां ‘सिल्क साड़ी’ लिखे हुए पैकेट्स मिले, जिन्हें खोलने पर कुल 123 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ

  • अंतरराष्ट्रीय कीमत: बरामद किए गए इस गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹30 लाख बताई जा रही है। मौके से अभियुक्त का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है

  • गिरफ्तारी का विवरण: गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान प्रेम चंद्र मौर्या (पुत्र राजेश मौर्या), निवासी काजीपुर, थाना जहानागंज, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसे 14 जून 2026 को कूरियर गोदाम से ही दबोचा गया

🚛 फर्जी नाम-पता और रसीद के जरिए चल रहा था रैकेट

एसटीएफ द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में इस अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के काम करने के शातिराना तरीके (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है:

  • असम से कूरियर कनेक्शन: पूछताछ में सामने आया कि असम के उदालगुड़ी का रहने वाला बबरू वर्मन और गुवाहाटी का रहने वाला बबलू इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर हैं। बबलू वहां TCI-Express कूरियर सर्विस गुवाहाटी के मैनेजर के साथ मिलकर गांजे के पैकेटों को कार्गो (परिवहन) के माध्यम से उत्तर प्रदेश भेजता था

  • फर्जी रसीद का खेल: पकड़े जाने से बचने के लिए वाराणसी भेजे जाने वाले इन पैकेटों पर ऊपर ‘सिल्क साड़ी’ लिखा जाता था और फर्जी नाम व पते की बुकिंग रसीद बनाई जाती थी। उत्तर प्रदेश (वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और देवरिया) के स्थानीय तस्कर कूरियर ऑफिस जाकर रसीद पर लिखा वही फर्जी नंबर दिखाकर चुपचाप माल उठा लेते थे

  • ऑनलाइन पेमेंट: इस अवैध माल के बदले स्थानीय तस्करों द्वारा असम में बैठे बबलू को ₹3800 प्रति किलोग्राम के हिसाब से ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर किया जाता था

⚖️ एनसीबी ने दर्ज किया मुकदमा, आगे की जांच जारी

इस बड़ी बरामदगी और गिरफ्तारी के बाद मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एनसीबी (NCB) को सौंप दिया गया है:

  • दर्ज धाराएं: गिरफ्तार अभियुक्त प्रेम चंद्र मौर्या के खिलाफ एनसीबी द्वारा केस संख्या 07/2026 अंतर्गत धारा 08/20/25/27ए/29 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है

फिलहाल एनसीबी और एसटीएफ की टीमें इस रैकेट से जुड़े अन्य स्थानीय तस्करों और असम में बैठे मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी के लिए कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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