चौमूं में मस्जिद के पास चला बुलडोजर!
जयपुर के चौमूं में ‘बुलडोजर न्याय’: हिंसा के बाद अवैध निर्माणों पर एक्शन, भारी पुलिस बल के बीच ढहाए जा रहे अतिक्रमण
जयपुर (चौमूं): राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं में 26 दिसंबर को भड़की हिंसा के बाद प्रशासन अब ‘फुल एक्शन’ मोड में नजर आ रहा है। मस्जिद के बाहर रेलिंग विवाद से शुरू हुई झड़प और पथराव की घटना के बाद, आज सुबह से ही इलाके में अवैध अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से उपद्रवियों और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। मौके पर तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
31 दिसंबर की डेडलाइन खत्म, सुबह ही पहुंचा बुलडोजर
नगर परिषद और पुलिस प्रशासन ने इमाम चौक इलाके में अवैध रूप से बने मकानों और दुकानों को चिन्हित किया था। प्रशासन ने पहले ही नोटिस चस्पा कर 31 दिसंबर तक का समय दिया था। संतोषजनक जवाब न मिलने और समय सीमा समाप्त होने के बाद, आज सुबह प्रशासन ने भारी मशीनरी के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
-
19-20 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई: जयपुर पश्चिम ADCP राजेश गुप्ता के अनुसार, नगर परिषद ने लगभग 20 नोटिस जारी किए थे। जिन लोगों ने अवैध कब्जा किया है, उनके निर्माण गिराए जा रहे हैं।
-
उपद्रवियों पर दोहरा प्रहार: इस कार्रवाई में उन लोगों के अवैध ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जो हालिया हिंसा और पथराव में शामिल थे।
क्या था पूरा विवाद? (Flashback)
बीती 26 दिसंबर को चौमूं में मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर दो पक्षों और पुलिस के बीच विवाद गहरा गया था। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे।
“गलत करने वालों को भुगतना होगा अंजाम”
चौमूं पुलिस स्टेशन के एसएचओ (SHO) प्रदीप शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा, “जो लोग कानून हाथ में लेंगे और गलत करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई निश्चित है। नगर परिषद ने अतिक्रमण की पहचान की है और हम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ खड़े हैं।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इमाम चौक और आसपास के इलाकों को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है। ड्रोन के जरिए भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: जयपुर प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि हिंसा और अवैध कब्जों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बुलडोजर एक्शन न केवल अतिक्रमण हटा रहा है, बल्कि कानून तोड़ने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी भी है।
खबरें और भी:-

