बिजली विभाग में रिश्वतखोर कर्मचारी गिरफ्तार
बरेली: बिजली विभाग में रिश्वतखोरी का खेल उजागर; 18 हजार लेते संविदाकर्मी गिरफ्तार, जेई पर भी गाज
(बरेली): उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) बरेली ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी को बिल सुधारने के नाम पर 18,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में विभाग के एक अवर अभियंता (JE) की संलिप्तता भी सामने आई है।
कैफे के पास बिछाया गया जाल
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप्त सान्याल के नेतृत्व में यह ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया:
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गिरफ्तारी का स्थान: आरोपी अनस कादरी (संविदाकर्मी/लाइन कुली) को मॉडल टाउन क्षेत्र स्थित एक कैफे के पास सड़क किनारे से उस वक्त दबोचा गया, जब वह रिश्वत की रकम ले रहा था।
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शिकायतकर्ता: मॉडल टाउन निवासी नितिन आनंद ने टीम से शिकायत की थी कि प्रेमनगर स्थित उनके बिजली कनेक्शन के बढ़े हुए बिल को कम (समायोजन) करने के बदले में पैसों की मांग की जा रही है।
जेई (JE) भी मुकदमे में नामजद
जांच में यह बात सामने आई कि रिश्वतखोरी के इस खेल में केवल संविदाकर्मी ही नहीं, बल्कि विभागीय अधिकारी भी शामिल थे।
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अवर अभियंता पर कार्रवाई: डीडीपुरम बिजली उपकेंद्र पर तैनात जेई जितेन्द्र केसरवानी को भी इस मामले में नामजद किया गया है।
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कानूनी कार्रवाई: थाना बारादरी में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विभाग में मचा हड़कंप
दोपहर करीब 2:40 बजे हुई इस अचानक कार्रवाई से बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरोपी अनस कादरी साल 2017 से विभाग में संविदा पर कार्यरत था। एंटी करप्शन टीम अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तरह के और भी मामले लंबित हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अपील
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने बरेली की जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत इसकी सूचना संगठन को दें। आपकी एक शिकायत भ्रष्टाचार मुक्त तंत्र बनाने में सहायक होगी।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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