बिहार: 43,324 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व
बिहार के राजस्व में ऐतिहासिक उछाल: ₹43,324 करोड़ का रिकॉर्ड संग्रह
पटना: बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खुशखबरी है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य ने टैक्स कलेक्शन के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वाणिज्य कर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि बिहार का कुल राजस्व संग्रह 43,324 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे बिहार जीएसटी ग्रोथ के मामले में देश के टॉप 4 राज्यों में शामिल हो गया है।
📌 न्यूज़ हाइलाइट्स:
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ग्रोथ का रिकॉर्ड: जीएसटी संग्रह में बिहार देश में चौथे स्थान पर, 9.20% की शानदार वृद्धि।
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GST कलेक्शन: अकेले जीएसटी से ₹32,077 करोड़ की आय, राष्ट्रीय औसत (6%) से कहीं आगे।
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मार्च का धमाका: मार्च 2026 में पिछले साल के मुकाबले 13% ज्यादा टैक्स जमा हुआ।
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निबंधन में कमाल: रजिस्ट्री से ₹8,403 करोड़ की कमाई, लक्ष्य से 102% अधिक वसूली।

देश के दिग्गज राज्यों को पछाड़ा
वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र द्वारा आईजीएसटी बैलेंस में कटौती के बावजूद बिहार ने 9.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। नकद संग्रह (SGST, CGST, IGST) के मामले में बिहार, कर्नाटक के बाद देश में दूसरे स्थान पर रहा। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरें घटने और चुनाव के बावजूद विभाग ने यह मुकाम हासिल किया है।

पेट्रोल-डीजल और बिजली से भी हुई बंपर आय
विभाग ने गैर-जीएसटी स्रोतों से कुल 11,247 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट (VAT) का है:
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पेट्रोल पर वैट: ₹10,037 करोड़
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बिजली शुल्क: ₹983.81 करोड़
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पेशा कर (Professional Tax): ₹226.38 करोड़
जमीन की रजिस्ट्री में भी बना रिकॉर्ड
निबंधन विभाग ने इस बार अपने निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है। ₹8,250 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने ₹8,403.46 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया। वित्त वर्ष के आखिरी दिन यानी 31 मार्च 2026 को रिकॉर्ड 14,905 दस्तावेजों का निबंधन हुआ, जिससे एक ही दिन में ₹107.74 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
रिपोर्ट: सुनील कुमार (पटना, बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

