बिहार: लू से निपटने की तैयारी तेज

लू और जल संकट से निपटने की तैयारी: संयुक्त सचिव ने कसी कमर

पटना: बिहार में बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में है। विभागीय सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में लू (Heatwave), जल संकट और हालिया आंधी-तूफान से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।


📌 न्यूज़ हाइलाइट्स:

  • जल संकट पर चिंता: गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए जल संरक्षण और पुनर्भरण (Recharge) पर जोर।

  • लू से बचाव: सार्वजनिक स्थानों पर छाया, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट रहने का निर्देश।

  • मुआवजा वितरण: आंधी-तूफान से फसल क्षति और अगलगी प्रभावितों को तुरंत सहायता देने का आदेश।

  • निगरानी: संवेदनशील पंचायतों में चलेगा जागरूकता अभियान, मुख्यालय मांगेगा नियमित रिपोर्ट।


गिरता भूजल स्तर: संवेदनशील पंचायतों पर नजर

संयुक्त सचिव ने राज्य के कई जिलों में नीचे जा रहे वाटर टेबल पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर जल संरक्षण के ठोस उपाय दिखने चाहिए।

  • जागरूकता: उन पंचायतों में विशेष अभियान चलाया जाएगा जहाँ पानी की किल्लत सबसे ज्यादा है।

  • मॉनिटरिंग: जल पुनर्भरण कार्यों की सीधी निगरानी अब सचिव स्तर से की जाएगी।

लू (Heatwave) के लिए ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार

गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लू से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति बनाई है:

  1. पेयजल: सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

  2. छाया की व्यवस्था: बाजारों और बस स्टैंडों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में शेल्टर बनाना।

  3. मेडिकल अलर्ट: अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष वार्ड और दवाइयों का इंतजाम।

 

किसानों और आपदा पीड़ितों को तुरंत राहत

बैठक में हालिया आंधी-तूफान से बर्बाद हुई फसलों पर भी चर्चा हुई। श्री सिद्दीकी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:

  • फसल क्षति: आकलन जल्द पूरा कर किसानों के खातों में मुआवजा राशि भेजी जाए।

  • अगलगी सहायता: आग लगने की घटनाओं में पीड़ितों को बर्तन, वस्त्र और गृह क्षति अनुदान बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए।

 

अधिकारियों की बड़ी मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण बैठक में PHED, राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, SDRF और NDRF के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी जिलों के अपर समाहर्ता (आपदा) और कार्यपालक अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और अपनी रिपोर्ट पेश की।


रिपोर्ट: जया कुमारी (पटना, बिहार)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)


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