बरेली की मंतशा ने शूटिंग में जीता पदक

बरेली की बेटी का नेशनल शूटिंग में जलवा! खिलौना गन से शुरू हुआ मंतशा का सफर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगा

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की रहने वाली मंतशा फातिमा ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो साधारण परिवार की बेटियां भी आसमान छू सकती हैं। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता (1 से 6 जनवरी) में मंतशा ने अपने शानदार प्रदर्शन से बरेली का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

खिलौना गन से नेशनल शूटर बनने तक का सफर

पुराने शहर के थाना बारादरी क्षेत्र की निवासी मंतशा एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। उनके पिता मुशाहिद हुसैन (UP रोडवेज से सेवानिवृत्त) बताते हैं कि मंतशा को बचपन से ही बंदूकों का शौक था और वह खिलौना गन मंगवाया करती थीं। बेटी के इसी जुनून को देख पिता ने अपनी मेहनत की कमाई से उसके सपनों को पंख दिए।

IT सेक्टर की नौकरी छोड़ खेल के मैदान को चुना

मंतशा ने अपनी पढ़ाई MBA तक पूरी की और दिल्ली में आईटी (IT) सेक्टर में एक अच्छी नौकरी भी की। लेकिन, उनका मन हमेशा शूटिंग रेंज की ओर ही खिंचता रहा। अंततः उन्होंने अपने दिल की सुनी और नौकरी के बजाय खेलों में करियर बनाने का फैसला किया।

मंतशा की सफलता के मुख्य स्तंभ:

  • गुरु का मार्गदर्शन: कोच सलमान की ट्रेनिंग ने मंतशा के निशाने को सटीक बनाया।

  • पारिवारिक सहयोग: मां शबनम (गृहिणी) और पिता मुशाहिद हुसैन का हर कदम पर साथ।

  • कड़ी मेहनत: एमबीए और आईटी जॉब के बाद भी खेल के प्रति समर्पण।

अब लक्ष्य: इंटरनेशनल शूटिंग और देश का प्रतिनिधित्व

मंतशा फातिमा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद अब अपनी निगाहें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिका दी हैं। वह फिलहाल इंटरनेशनल शूटिंग इवेंट्स की तैयारी में जुटी हैं और जल्द ही भारतीय जर्सी पहनकर देश के लिए पदक जीतने का सपना देख रही हैं।

“मैं चाहती हूँ कि शहर की और भी बेटियां खेलों में आगे आएं। मेहनत और जुनून हो तो कोई भी मुकाम नामुमकिन नहीं है।”मंतशा फातिमा

बरेली के लिए गौरव का पल

मंतशा की इस उपलब्धि से पूरे बरेली जनपद में खुशी की लहर है। वह आज उन तमाम लड़कियों के लिए प्रेरणा (Inspiration) बन गई हैं, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।


रिपोर्ट: रोहिताश कुमार, बरेली।


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