बरेली (उत्तर प्रदेश)। कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ बरेली पुलिस ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है।
बरेली (उत्तर प्रदेश)। कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ बरेली पुलिस ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बजरंगदल नेता ऋषभ ठाकुर के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है।
अब ऋषभ ठाकुर अगले छह महीनों तक बरेली जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि वह इस दौरान जिले में कहीं भी पाए गए तो उनके खिलाफ एक और आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गई है।
कैफे विवाद और मारपीट के मामले के बाद बढ़ी मुश्किलें ऋषभ ठाकुर इससे पहले उस घटना के बाद सुर्खियों में आए थे, जिसमें एक कैफे में जन्मदिन पार्टी मना रहे लड़के–लड़कियों के साथ मारपीट का आरोप सामने आया था।
बताया गया कि घटना के दौरान “लव जिहाद” जैसे आरोप लगाकर युवाओं के साथ कथित हिंसा की गई थी। इस मामले में ऋषभ ठाकुर को जेल भी जाना पड़ा था।
जेल से बाहर आने के बाद अब पुलिस ने उनके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत जिला बदरी का आदेश जारी कर दिया।
पुलिस का सख्त संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस का मानना है कि कोई भी व्यक्ति या संगठन अपने आपको समाज या संस्कृति का रक्षक बताकर कानून तोड़ने का अधिकार नहीं रखता।
सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाएं सामाजिक तनाव बढ़ाती हैं और जिले की शांति व्यवस्था को प्रभावित करती हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अराजकता या हिंसा फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला बदरी आदेश तोड़ने पर तुरंत होगी गिरफ्तारी
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जिला बदरी आदेश का उल्लंघन गंभीर अपराध है।
यदि ऋषभ ठाकुर निर्धारित अवधि में बरेली में दिखाई देते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई कर उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है।
कानून का साफ संदेश बरेली पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है।
कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
बरेली से रोहिताश कुमार
