बरेली: विकास में यूपी का नंबर 1 जिला

बरेली का बजा पूरे यूपी में डंका! CM डैशबोर्ड रैंकिंग में विकास और राजस्व में बना नंबर वन जिला

बरेली: उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने वाले ‘सीएम डैशबोर्ड’ (CM Dashboard) की ताजा रैंकिंग में बरेली जिले ने इतिहास रच दिया है। दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, बरेली ने विकास और राजस्व कार्यों की संयुक्त श्रेणी में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी इस रैंकिंग ने साबित कर दिया है कि बरेली अब प्रदेश के सबसे तेजी से बढ़ते जिलों में शुमार है।

बड़े-बड़े जिलों को पछाड़ा, विकास की दौड़ में बरेली सबसे आगे

सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आवास जैसी योजनाओं की हकीकत परखती है। दिसंबर माह की समीक्षा में बरेली ने प्रदेश के अन्य सभी 74 जिलों को पीछे छोड़ते हुए टॉप रैंक पर कब्जा जमाया।

रैंकिंग के आंकड़े:

  • विकास कार्यक्रम: बरेली को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला।

  • राजस्व कार्यक्रम: जिला प्रदेश में तीसरे नंबर पर रहा।

  • ओवरऑल रैंकिंग: दोनों क्षेत्रों को मिलाकर बरेली उत्तर प्रदेश में नंबर वन बना।

DM अविनाश सिंह की सख्त मॉनिटरिंग का दिखा असर

बरेली की इस बड़ी सफलता का श्रेय जिलाधिकारी अविनाश सिंह की कार्यशैली को दिया जा रहा है। डीएम की सख्त मॉनिटरिंग की वजह से अब सरकारी फाइलें दफ्तरों में धूल फांकने के बजाय तय समय पर जमीन पर उतर रही हैं। नियमित समीक्षा बैठकों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है।

शहर से लेकर गांव तक बदला बरेली का चेहरा

यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में विकास की योजनाओं (जैसे जल जीवन मिशन, पीएम आवास और सड़क निर्माण) का असर धरातल पर दिख रहा है। वहीं, राजस्व के लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण होने से जनता को भी बड़ी राहत मिली है।

“यह सफलता जिले की पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। हमारा लक्ष्य इस स्थान को बरकरार रखना और ईमानदारी से जनता की सेवा करना है।”अविनाश सिंह, जिलाधिकारी, बरेली

क्या है सीएम डैशबोर्ड (CM Dashboard)?

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संचालित यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां हर महीने जिलों के काम की ग्रेडिंग की जाती है। इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसरों की पकड़ होती है और बेहतर काम करने वाले जिलों को बरेली की तरह सम्मान मिलता है।


रिपोर्ट: रोहिताश कुमार, बरेली।


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