Bareilly UP : बरेली: किसानों का जोरदार प्रदर्शन
बरेली: भाकियू का जोरदार प्रदर्शन, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर घेरा कमिश्नर कार्यालय 🚜
चौधरी सोमवीर सिंह के नेतृत्व में उमड़ा किसानों का हुजूम
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को बरेली में अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर हुंकार भरी। जिला अध्यक्ष चौधरी सोमवीर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।
BDA पर भूमि अधिग्रहण और मुनाफाखोरी का आरोप 🏗️
किसानों ने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए:
-
कृषि भूमि का विनाश: रामगंगा नगर जैसी योजनाओं के लिए उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण से खेती का रकबा घट रहा है।
-
विकल्प: यूनियन का सुझाव है कि जमीन बचाने के लिए बहुमंजिला (Vertical) आवासीय योजनाएं लाई जानी चाहिए।
-
अवैध कॉलोनियां: शहर के चारों ओर बिना नक्शा पास कराए हो रही अवैध प्लॉटिंग पर अधिकारियों की चुप्पी पर नाराजगी जताई गई।
एमएसपी (MSP) और खरीद केंद्रों की मांग 💰
फसलों के लाभकारी मूल्य को लेकर किसानों ने स्पष्ट मांग रखी है:
-
आम का समर्थन मूल्य: आम के लिए 60 रुपये प्रति किलो का भाव तय कर सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए।
-
गेहूं खरीद: प्रत्येक तहसील में कम से कम 60 खरीद केंद्र खोले जाएं, जो गांव से 5 किमी के दायरे में हों।
-
अन्य फसलें: सरसों, आलू, बाजरा और मक्का के लिए भी बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग की गई।
गन्ना भुगतान और आवारा पशुओं की समस्या 🐃
-
चीनी मिलें: बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान में हो रही देरी पर किसानों ने रोष व्यक्त किया और जल्द भुगतान की मांग की।
-
फसलों की सुरक्षा: आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए उन्हें तत्काल गौशालाओं में भेजने और वहां उचित व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।
राजस्व और योजनाओं में भ्रष्टाचार का मुद्दा ⚖️
ज्ञापन में किसान सम्मान निधि, विरासत, दाखिल-खारिज और राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया गया। किसानों का आरोप है कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है और राजस्व कार्यों में जानबूझकर देरी की जा रही है।
मुख्य उपस्थिति: हाजी एम. इकबाल एडवोकेट, चौधरी सतेंद्र सिंह, चौधरी विजय पाल सिंह, कासिफ रजा, आमिर रजा, सुनील यादव एवं अन्य।
चेतावनी: किसान यूनियन ने साफ कहा है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
क्या आप चाहते हैं कि मैं इस रिपोर्ट को आपके फेसबुक पेज के लिए एक आकर्षक ‘न्यूज बुलेटिन’ स्टाइल में तैयार करूँ?
रिपोर्ट: रोहिताश कुमार भास्कर,
बरेली,
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )
