बरेली: ईरानी प्रतिनिधि का खास दौरा
बरेली: काला इमामबाड़ा की मजलिस में पहुंचे ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि
बरेली शहर में गुरुवार को उस समय अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और धार्मिक सौहार्द का संगम देखने को मिला, जब ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। दिल्ली से बरेली पहुंचे डॉ. इलाही ने काला इमामबाड़ा में आयोजित सालाना मजलिस में भाग लिया, जहाँ बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे।
भारत-ईरान रिश्तों पर गंभीर चर्चा
मजलिस के समापन के बाद मौलाना समर हैदर आबिदी के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी और डॉ. हकीम इलाही के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई।
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ऐतिहासिक संबंध: मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते सदियों पुराने और सांस्कृतिक रूप से बेहद मजबूत हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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दोस्ती की मजबूती: डॉ. हकीम इलाही ने भारतीय जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की आवश्यकता है।
वैश्विक साजिशों पर डॉ. इलाही का बड़ा बयान
मुलाकात के दौरान डॉ. इलाही ने वैश्विक आतंकवाद और उग्रवाद पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ‘जिहाद’ के नाम पर सक्रिय संगठनों के पीछे अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की साजिश हो सकती है। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे ऐसी ताकतों से सतर्क रहें जो धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए करती हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु:
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स्थान: काला इमामबाड़ा और मौलाना समर हैदर आबिदी का निवास, बरेली।
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प्रमुख व्यक्तित्व: डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही (ईरान) और मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी।
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विषय: भारत-ईरान संबंध, वैश्विक शांति और कट्टरपंथ के खिलाफ सतर्कता।
यह मुलाकात बरेली के इतिहास में अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसने शहर को वैश्विक चर्चाओं के केंद्र में ला दिया है।
बरेली से रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

