बरेली : एक जनपद एक उत्पाद‘ कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले उत्पादों जरी एवं बॉस-वेंत के उत्पादों की कार्यशाला का आयोजन

बरेली, 28 दिसम्बर। संयुक्त आयुक्त उद्योग श्री ऋषि रंजन गोयल ने बताया कि राज्य के कारीगरों द्वारा उत्पादित हस्तशिल्प वस्तुओं को बढ़ावा देने और बाजार में लाने के लिए उ.प्र. हस्तशिल्प विकास और विपणन निगम देश के प्रमुख शहरों यानी नई दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद, मुंबई, नागपुर, कोलकाता, लखनऊ और कानपुर में गंगोत्री एम्पोरिया की श्रृंखला का प्रबंधन कर रहा है। इसी क्रम में आज जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र के सभागार में जनपद बरेली के ‘एक जनपद एक उत्पाद‘ श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उत्पादों जरी एवं बॉस-वेंत के उत्पादों की कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन संयुक्त आयुक्त उद्योग श्री ऋषि रंजन गोयल द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में बॉस-वेंत एवं जरी से सम्बन्धित कार्य करने वाले जनपद के 10 हस्तशिल्पियों ने प्रतिभाग किया। हस्तशिल्पियों द्वारा बॉस-वेंत के उत्पाद जैसे लैम्प शेड, बास्केट, कोस्टर, ट्रे, एवं अन्य शोपीस तथा जरी उत्पाद में टेबल रनर, कोस्टर, कुशन कवर, लेडीज पर्स, आभूषण आदि कार्यशाला में प्रदर्शित किया गया।

संयुक्त आयुक्त उद्योग द्वारा कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले हस्तशिल्पियों से प्रदर्शित किये गये उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा उनको गंगोत्री इम्पोरियम में प्रतिभाग करने से होने वाले लाभों एवं उनके उत्पादों के निर्यात हेतु दिये जाने वाले प्रोत्साहन के बारे में अवगत कराया गया।

इस कार्यशाला का आयोजन जनपद के हस्तशिल्पियों एवं उनके उत्पादों का ओ.डी.ओ.पी. मार्ट पर वेंडर इम्पैनलमेंट के चयन हेतु किया गया है। ओडीओपी उत्पाद विक्रेताओं को बोली के लिए अपना सर्व श्रेष्ठ उत्पाद विवरण देने के लिए प्रोत्साहित किया गया ताकि गंगोत्री एम्पोरियम से उत्पाद ऑर्डर प्राप्त करने के लिए उनका चयन किया जा सके।

कार्यशाला में मिर्जा केन हैंडीक्राफ्ट, वंदना राठौर, सबरीना एक्सपोर्ट्स, नव्या एक्सपोर्ट्स, ए एंड ए ट्रेडर्स, ग्लोरियस क्रिएशन्स, न्यूलड्डू गोपाल, के एमसी यूनिक क्रिएशन, अंजू, इकराना और आसमा आदि कारीगरों और निर्यातकों ने प्रतिभाग कर अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया।

शासन द्वारा गंगोत्री इम्पोरियम योजना के अन्तर्गत जनपद के हस्तशिल्पियों/कारीगरों को एवं उनके उत्पादों को उनकी शिल्प कौशल और उनके विकास के लिए सर्वोत्तम मूल्य दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए और बिचौलियों की भूमिका को कम करके हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों के उत्थान हेतु इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

गोपाल चंद्र अग्रवाल संपादक आल राइट्स मैगज़ीन

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