Bareilly news : ज़िला कांग्रेस कमेटी ने पेट्रोल डीज़ल के दामों को लेकर ज़िलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

बरेली ( अमरजीत सिंह,अशोक गुप्ता )- पेट्रोल – डीजल , गैस सिलेंडर और बढ़ रही महगाई के विरोध में महोदय , मोदी सरकार ने भारत के नागरिकों के साथ धोखा , विश्वासघात और छल किया है ।

चुनावों में लोगों के वोट बटोरने के लिए 137 दिनों तक पेट्रोल , डीजल , गैस सिलेंडर , पाईप्ड नैचुरल गैस ( पीएनजी ) और सीएनजी के दाम स्थिर रखने के बाद पिछले एक हफ्ते से हर परिवार का बजट बिगड़ गया है । पेट्रोल और डीजल के दामों में रोज होती बढ़ोत्तरी और गैस सिलेंडर , पीएनजी एवं सीएनजी के कमरतोड़ दामों ने साबित कर दिया है कि मोदी सरकार ” नागरिकों को लूटो , अपना खजाना भरों ” की पर काम कर रही है । मोदी सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल – डीजल के दामों में 80 पैसे प्रति लीटर बढ़ोत्तरी कर दी । 1. जब मई 2014 में भाजपा ने सत्ता संभाली तो पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क क्रमश : 9.20 रूपये प्रतिलीटर और 3.46 रूपये प्रति लीटर था । पिछले आठ सालों में भाजपा सरकार ने एक्साईज् ड्यूटी पेट्रोल पर 18.70 रू प्रति लीटर और डीजल 18.34 रूपये प्रति लीटर बढ़ा दी । जब कांग्रेस की यूपीए सरकार सत्ता में थी तब कच्चे तेल की कीमत 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी । पर उसके बावजूद उस समय पेट्रोल व डीजल क्रमश : 71.41 और 55.49 रूपये प्रति लीटर में उपलब्ध था , जो आज दिल्ली में क्रमश : 98.61 और 89.87 रूपये प्रति लीटर पर बेचा जा रहा है । 2. मोदी सरकार ने अकेले पेट्रोल और डीजल पर एक्सार्टज डयूटी बढ़ाकर आठ सालों में 26,00,000 करोड़ रू ( 26 लाख करोड़ रू ) का मुनाफा कमाया है । 3. दो साल पहले लॉकडाउन के बाद से , पेट्रोल और डीजल पर कीमतों में बार – बार बढ़ोत्तरी और उत्पाद शुल्क से जबरन वसूली और मुनाफाखोरी सभी प्रकार के शोषण की सीमा को पार कर गई है । 22 मार्च 2020 को , दो साल पहले , पेट्रोल और डीजल की दरें क्रमशः 69.59 रूपये और 62.29 रूपये थी , जिन्हें बढ़ाकर क्रमश : 98.61 रूपये प्रति लीटर और 89.87 रूपये प्रति लीटर कर दिया गया । यानि पिछले दो सालों में पेट्रोल पर 29.02 रू . प्रति लीटर और डीजल पर 27.58 रू . प्रति लीटर की वृद्धि हुई है अनिलदैवशप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सला संभाली थी , तब भारत की तेल कंपनियों को कच्चा तेल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मोदी सरकार के पिछले 3 सालों में कच्चे तेल का औसत मूल्य अधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 60.6 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था , जबकि साल 2011 से साल 2014 के बीच यूपीए सरकार के अंतिम तीन सालों में कच्चे तेल का औसत मूल्य 108 , 46 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था । 5. घरेलू गैस सिलेंडर के मूल्य वर्ष 2014 में कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान 410 रू प्रति सिलेंडर से बड़कर 949.50 रू . और ज्यादातर शहरों में 1000 रू . को पार कर गए हैं । 8 सालों में मोदी सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर का मूल्य 539 : 50 रू . बढ़ा दिया । 6. यही हाल पाईप्ट मैचुरल गैस यानि पीएनजी और सीएनजी का भी है । मई 2014 में दिल्ली में परिवारों को पीएनजी का उपभोक्ता मूल्य 25.50 रू . प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर था जो बढ़कर 36.61 रू . प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर कर दिया गया । मोदी सरकार ने पीएनजी में 43.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी है । सीएनजी का मूल्य मार्च 2014 में 32.50 रू . प्रति किलोग्राम था , जो अब 67.37 रू . प्रति किलोग्राम से 79.49 रु . प्रति किलोग्राम के बीच है मोदी सरकार के पिछले 8 सालों में सीएनजी के दामों में 88 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है । मोदी सरकार ने पिछले 8 सालों में ऑटो – टैक्सी – कार इस्तेमाल करने वालों से सीएनजी उपयोग के लिए 64.207 करोड़ रू . अतिरिक्त वसूले हैं ।

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