बरेली: वकील की मौत पर भूख हड़ताल
बरेली: एडवोकेट महजबीन हत्याकांड में उबाल, इंसाफ के लिए कलेक्ट्रेट पर वकीलों की ‘अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल’
बरेली। एडवोकेट महजबीन की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट अधिवक्ताओं का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। न्याय की मांग को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता अच्छन अंसारी के नेतृत्व में दर्जनों वकीलों और परिजनों ने कलेक्ट्रेट के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, यह आंदोलन खत्म नहीं होगा।
“आरोपी खुलेआम घूम रहे, पुलिस क्यों है खामोश?”
भूख हड़ताल पर बैठे वरिष्ठ अधिवक्ता अच्छन अंसारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि:
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मृतका के पति तलहा और सास असमा सकलैनी को तो जेल भेज दिया गया है।
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लेकिन मामले में नामजद अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं और खुलेआम घूम रहे हैं।
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पीड़ित परिवार लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन ठोस कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन मिल रहा है।
दहेज की भेंट चढ़ गई जज की वकील भतीजी
गौरतलब है कि सहसवानी टोला निवासी एडवोकेट महजबीन का निकाह इसी साल फरवरी में प्रेमनगर के शाहबाद निवासी तलहा से हुआ था। महजबीन, जो रिश्ते में एक जज की भतीजी भी थीं, की 27 नवंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पिता हाशिम अंसारी का आरोप है कि:
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निकाह के बाद से ही कार और कीमती सामान के लिए महजबीन को प्रताड़ित किया जा रहा था।
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दहेज के लालच में उनकी बेटी की हत्या की गई।
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इस मामले में पति समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी।
“जब एक वकील बेटी को इंसाफ के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो आम जनता का क्या होगा? यह न्याय व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।” — प्रदर्शनकारी अधिवक्ता
आंदोलन उग्र करने की चेतावनी
कलेक्ट्रेट परिसर में भारी संख्या में जुटे वकीलों ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे सड़क से लेकर अदालत तक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे। मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द गिरफ्तारी की गुहार लगा रहे हैं।
प्रेमनगर पुलिस की अब तक की कार्रवाई
थाना प्रेमनगर पुलिस ने 30 नवंबर को मुख्य आरोपी पति और सास को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। हालांकि, बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच के नाम पर हो रही देरी अब पुलिस के लिए गले की हड्डी बनती जा रही है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
रिपोर्ट: रोहिताश कुमार, बरेली
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