मुरादाबाद: ₹50 हजार घूस लेते अफसर अरेस्ट
मुरादाबाद में विजिलेंस की बड़ी स्ट्राइक: ₹3 लाख की घूस मांग रहे सीनियर ऑडिट ऑफिसर रंगे हाथ गिरफ्तार, बरेली यूनिट ने बिछाया जाल
रिपोर्टर: रोहिताश कुमार, बरेली
मुरादाबाद/बरेली News: उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) की बरेली यूनिट ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बुधवार को मुरादाबाद में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने मुरादाबाद में तैनात सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी (सीनियर ऑडिट ऑफिसर) अनिरुद्ध द्विवेदी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
ऑडिट रिपोर्ट ‘अनुकूल’ करने के लिए मांगी थी ₹3 लाख की घूस
मामला मुरादाबाद जिले की छह ग्राम पंचायतों (दुपैड़ा रनियाठेर, जगरामपुरा, लालपुर तीतरी, बीनावाला हिरनखेड़ा और भीतखेड़ा) के ऑडिट से जुड़ा है। आरोपी अधिकारी अनिरुद्ध द्विवेदी इन पंचायतों की वित्तीय वर्ष 2024–25 की ऑडिट रिपोर्ट को “सही” बनाने के बदले 3 लाख रुपये की डिमांड कर रहा था।
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डील का तरीका: जब शिकायतकर्ता ने एकमुश्त रकम देने में असमर्थता जताई, तो शातिर अधिकारी किस्तों में पैसे लेने को तैयार हो गया। पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये तय किए गए थे।
विजिलेंस का बिछाया जाल और ‘रेड हैंड’ गिरफ्तारी
भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय शिकायतकर्ता ने बरेली विजिलेंस एसपी से इसकी शिकायत की। गोपनीय जांच में मामला सही पाए जाने पर 14 जनवरी 2026 को विजिलेंस टीम ने मुरादाबाद में जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किस्त के 50 हजार रुपये अनिरुद्ध द्विवेदी को सौंपे, पहले से तैनात टीम ने उसे दबोच लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
गिरफ्तारी के बाद मुरादाबाद के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरेली यूनिट अब इस मामले में अन्य कड़ियों और पुराने ऑडिट रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है।
सतर्कता अधिष्ठान की अपील: डरे नहीं, शिकायत करें
विजिलेंस टीम ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी (राजपत्रित या अराजपत्रित) काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9454401866 पर कॉल करें। शिकायतकर्ता का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

